भूपेंद्र ठाकुर,
11 अगस्त / शिमला।
शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में अब कार्रवाई का फोकस केवल नशे की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर उनके अवैध आर्थिक साम्राज्य को ध्वस्त करने पर भी केंद्रित किया जा रहा है।
मामले का विवरण
दिनांक 20.06.2026 को स्पेशल सेल शिमला द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर कनलोग स्थित एक होम-स्टे में छापेमारी कर बठिंडा निवासी गोपाल कुमार को लगभग 16 ग्राम चिट्टा/हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। मामले की जांच में बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करते हुए चिट्ठे की इस खेप के पैडलर गुरुवचन उर्फ गुरु निवासी बठिंडा को मोहाली से गिरफ्तार किया गया और वही पर तलाशी में उससे लगभग 162 ग्राम चिट्टा/हेरोइन भी बरामद की गई।

आगे की वैज्ञानिक, तकनीकी एवं मानवीय सूचना आधारित जांच में दोनों आरोपियों के बठिंडा निवासी दीपक कुमार उर्फ कर्णी बराड़ के लिए नशे के नेटवर्क को चलाने का खुलासा हुआ, जिसे इस नेटवर्क का प्रमुख सरगना पाया गया। जिस पर शिमला पुलिस द्वारा सुनियोजित तरीके से बठिंडा में एक ज्वाइंट ऑपरेशन करके दीपक कुमार उर्फ कर्णी बराड़ को बठिंडा से गिरफ्तार किया गया। दीपक कुमार एक आपराधिक प्रवत्ति का व्यक्ति है, जिसके पूर्व में भी मामले दर्ज पाए गए:
- एफआईआर संख्या 114 दिनांक 12.06.2023, धारा 21-बी/61/85 एनडीपीएस अधिनियम, पुलिस थाना कैनाल कॉलोनी, बठिंडा लगभग 100 gm
- एफआईआर संख्या 17 दिनांक 15.02.2018, धारा 354 एवं 354-डी भारतीय दण्ड संहिता, पुलिस थाना थर्मल, बठिंडा।
- एफआईआर संख्या 19 दिनांक 21.01.2022, धारा 188 भारतीय दण्ड संहिता, पुलिस थाना सिविल लाइंस, बठिंडा।
दीपक उर्फ करणी बरार के खाते में पिछले 6 महीनों की अवधि में ही 50 लाख से अधिक के ट्रांजैक्शंस पाए गए।
मामले में पुलिस द्वारा एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत वित्तीय जांच भी की गई। जांच के दौरान आरोपी करनी बराड़ और उसके सहयोगियों द्वारा नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों/परिसंपत्तियों, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹2.09 करोड़ है, की पहचान कर उन्हें जब्त किया गया है।
इनमें:
- लक्ज़री वाहन — Fortuner, Endeavour,Tata Safari, Verna, Swift एवं Jetta
- 2 Commercial properties— S-4 Sports Club एवं S-4 Car Wash Centre
- 1 — आवासीय मकान
- बैंक बैलेंस
शामिल हैं।
इस कार्रवाई के साथ वर्ष 2026 में अब तक जिला शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करों/सप्लायरों से संबंधित लगभग ₹6.38 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इसके विपरीत वर्ष 2025 एवं 2024 में ऐसी कार्रवाई का आंकड़ा शून्य था जो नशा तस्करों की फाइनेशियल इन्वेस्टिगेशन अमल में ही नहीं लाई गई थी।

वर्ष 2026 की यह कार्रवाई न केवल शिमला पुलिस की अब तक की सबसे प्रभावी वित्तीय कार्रवाई है, बल्कि इस वर्ष हिमाचल प्रदेश की किसी भी जिला पुलिस द्वारा नशा तस्करों की अवैध संपत्ति की जब्ती की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
जिला शिमला पुलिस भविष्य में भी नशा तस्करी के संगठित नेटवर्क, उनके मुख्य संचालकों तथा नशे से अर्जित अवैध संपत्ति के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई जारी रखेगी।








