
हिमाचल समय, शिमला, 26 अगस्त।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच जारी भारी बारिश ने राज्य के कई इलाकों में तबाही मचा दी है। भूस्खलन की घटनाओं के चलते तीन राष्ट्रीय राजमार्गों सहित राज्य की 690 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान पहुँचा है।
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बुनियादी ढाँचे पर गहरा प्रभाव:
इस प्राकृतिक आपदा का सीधा असर लोगों के रोजमर्रा के जीवन पर पड़ा है। राज्य में 2,349 बिजली ट्रांसफार्मर और 234 जल आपूर्ति योजनाएं क्षतिग्रस्त होने से कई क्षेत्रों में बिजली और पानी की आपूर्ति ठप्प पड़ गई है। हालात को देखते हुए आठ जिलों में आज सभी शिक्षण संस्थानों को भी बंद रखने का फैसला किया गया है।
कुल्लू-मनाली सबसे ज्यादा प्रभावित:
कुल्लू जिला इस मूसलाधार बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहाँ ब्यास नदी उफान पर है और उसके रौद्र रूप ने लोगों में दहशत फैला रखी है। नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण मनाली के बाहंग इलाके में एक रेस्तरां बह गया,
जिसका अब सिर्फ सामने का हिस्सा ही बचा है। सूचनाओं के मुताबिक, नदी में चार दुकानें और 15 मील इलाके में एक शौचालय व कुछ खोखे भी बह गए हैं। 14 मील के रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है।
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यातायात व्यवस्था अस्त-व्यस्त:
भूस्खलन और सड़कों के धंसने के चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मनाली-लेह मार्ग, ओल्ड मनाली से बुरुआ का रास्ता और कुल्लू-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गए हैं। एक ट्रक और एक जीप सड़क धंसने के कारण ब्यास नदी में बह गए। अब यातायात को वामतट और लेफ्ट बैंक के मार्ग से डायवर्ट किया जा रहा है।
ब्यास नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और ग्रीन टैक्स बैरियर के पास आलू ग्राउंड पर पानी सड़क पर बह रहा है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है।
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