भूपेंद्र ठाकुर,
30 अप्रैल/शिमला।
राजधानी शिमला, सोलन व सिरमौर में वीरवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ले ली। शहर में गरज के साथ जोरदार बारिश हुई, वहीं जिले के ऊपरी क्षेत्रों में भयंकर ओलावृष्टि दर्ज की गई। कुफरी, ठियोग, फागू समेत कई अन्य इलाकों में ओलों ने बागवानी को भारी चपेट में ले लिया है।
बागवानों की चिंताएँ बढ़ गई हैं क्योंकि ऊपरी शिमला में स्टोन फ्रूट का सीजन शुरू हो चुका है। वहीं सेब के बगीचों में फ्लावरिंग चल रही है और कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फल लगना भी शुरू हो गया है। ओलावृष्टि से फूलों के झड़ने और फलों पर दाग लगने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है, जिससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मौसम के खराब रहने का पूर्वानुमान लगाया है। इस दौरान भारी बारिश, ओलावृष्टि व तूफान चलने की संभावना जताई गई है, जिसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है।
बुधवार को मिलाजुला रहा मौसम, ऊंची चोटियों पर बर्फबारी
प्रदेश में बुधवार को मौसम मिलाजुला रहा। शिमला, मनाली व सुंदरनगर में बूंदाबांदी के साथ कुल्लू और लाहौल में बारिश हुई। रोहतांग व कुंजम दर्रे समेत ऊंची चोटियों पर बर्फ के फाहे गिरने से ठंड बढ़ गई है। खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में सैलानी कोकसर पहुंचे और जमकर मस्ती की।
वहीं चंबा के पांगी उपमंडल की ऊपरी चोटियों सुसार हिल्स, हुड़ान, गुम्मा, सुराल, सचे जोत में 12.7 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। डलहौजी, चंबा, भरमौर, तीसा, भटियात क्षेत्रों में हल्की बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
शिमला में बुधवार सुबह मौसम साफ रहा, लेकिन करीब 11 बजे से एक बजे तक बूंदाबांदी हुई। शाम को मौसम साफ हो गया। प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्के बादल छाए रहने से गर्मी का असर कम रहा। मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला ने वीरवार को भी कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से हिमाचल में 5 मई तक मौसम खराब बने रहने का अनुमान है।









