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वाहन पंजीकरण में साइबर एवं दस्तावेजी धोखाधड़ी का खुलासा, मास्टरमाइंड समेत सात गिरफ्तार

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भावना ठाकुर,

1 मई/सोलन।

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जिला पुलिस सोलन ने वाणिज्यिक वाहनों के पंजीकरण से जुड़े एक संगठित साइबर एवं दस्तावेजी धोखाधड़ी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी गौरव भारद्वाज सहित अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस अधीक्षक सोलन को 26 जनवरी 2026 को क्षेत्रीय परिवहन एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (R&LA), सोलन की अधिकारी डॉ. पूनम बंसल ने शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि कार्यालय अभिलेखों के सत्यापन के दौरान तीन वाणिज्यिक वाहनों (HP-14D-4512, HP-14D-4582, HP-14D-4586) के पंजीकरण, लोडेड वेट संशोधन और स्वामित्व हस्तांतरण में गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं।

जांच में पता चला कि VAHAN पोर्टल में अनधिकृत छेड़छाड़ की गई थी। आरोपियों ने “JITENTHA” और “DRPOONAM” जैसी फर्जी यूजर आईडी बनाकर वाहनों की वेरिफिकेशन और अप्रूवल प्रक्रिया को अवैध रूप से पूरा किया। यह सब सरकारी नेटवर्क के बाहर स्थित IP एड्रेस से किया गया, जबकि भौतिक अभिलेख भी गायब मिले।

प्रारंभिक एफआईआर (संख्या 22/26, दिनांक 26.01.2026) के बाद पुलिस अधीक्षक ने उप पुलिस अधीक्षक अशोक चौहान के नेतृत्व में एक विशेष अन्वेषण दल (SIT) गठित किया। टीम ने IP लॉग, ओटीपी रिकॉर्ड और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के विश्लेषण से यह साबित किया कि इस साजिश में R&LA झंडूता के क्लर्क गौरव भारद्वाज का मुख्य हाथ था। उसने सोलन RLA के एडमिन क्रेडेंशियल्स चुराकर फर्जी आईडी बनाईं।

इसके अलावा आरोपी ने एजेंटों का एक नेटवर्क भी तैयार किया था। इन एजेंटों (राजकुमार उर्फ सन्नी, विकास सिंह उर्फ शालू, जितेंद्र, अनिल आदि) के माध्यम से वाहन मालिकों से अवैध वसूली की जाती थी, और बदले में बिना MVI निरीक्षण व बिना दस्तावेजों के पंजीकरण, लादेन वेट बढ़ाने, हाइपोथिकेशन हटाने जैसे काम किए जाते थे। बैंक खातों की जाँच में गौरव भारद्वाज के खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन का पता चला है।

पुलिस ने 3 अप्रैल 2026 को पहली कार्रवाई में जितेंद्र ठाकुर, अनिल कुमार, राज कुमार, जितेंद्र कुमार, नरेश कुमार और विकास सिंह उर्फ शालू को गिरफ्तार किया। इसके बाद मामले के मास्टरमाइंड गौरव भारद्वाज (पुत्र ओम प्रकाश, निवासी पेहडवी, बिलासपुर) को गिरफ्तारी से बचने के लिए निरंतर ठिकाने बदलते रहने और उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका डालने के बावजूद, पुलिस ने 30 अप्रैल 2025 को उसे दबोच लिया। हालाँकि, उक्त तारीख संभवतः 30 अप्रैल 2026 होगी क्योंकि पूरा प्रकरण 2026 का है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच जारी है और अन्य संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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