
किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर), 14 अगस्त।
गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे किश्तवाड़ जिले के पाडर क्षेत्र स्थित चशोती गांव में बादल फटने से भयावह त्रासदी हुई। मचैल माता मंदिर यात्रा मार्ग पर आई
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इस आपदा में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक श्रद्धालु लापता हैं। करीब 100 घायलों में से 37 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
चशोती गांव (किश्तवाड़ शहर से 90 किमी दूर)। अचानक बादल फटने से आई भीषण बाढ़। यात्रा मार्ग पर जमा भीड़ दुकानें, सुरक्षा चौकी व इमारतें श्रद्धालुओं के लिए लगाया गया लंगर
उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा ने बचाव दल रवाना किए। एनडीआरएफ की दो टीमें उधमपुर से किश्तवाड़ भेजी गईं। घायलों को किश्तवाड़ व पाडर के अस्पतालों में भर्ती किया गया। “प्रभावितों के प्रति संवेदना। हर संभव सहायता का भरोसा।”
मचैल माता की वार्षिक तीर्थयात्रा तुरंत रद्द की गई है। अधिकारी पूरी ताकत से राहत कार्यों में जुटे हैं।
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खोज-बचाव अभियान जारी लापता लोगों का पता लगाने का प्रयास मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में और बारिश की चेतावनी जारी की इस भीषण त्रासदी में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना।
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