भूपेंद्र ठाकुर,
25 मई / शिमला।
शिमला पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बैकवर्ड लिंकेज का पता लगाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में बाहरी राज्यों से तीन मुख्य चिट्टा सप्लायरों को गिरफ्तार किया है।
पहला मामला (थाना संजौली):
18 मई 2026 को पुलिस थाना संजौली के अंतर्गत अभियोग संख्या 34/2026 के तहत रवि कुमार उर्फ बंटी (35) निवासी संजौली से 26 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी दुकान चलाता था और ग्राहकों से क्यूआर स्कैनर के जरिए पैसे ट्रांसफर करवाकर डिजिटल ट्रेल छिपाता था। ये पैसे वह तरन तारन (पंजाब) के एक युवक को नशे की खरीद के लिए भेज रहा था। पुलिस ने 22 मई को शवनदीप (21) निवासी पट्टी, तरन तारन, पंजाब को जंडियाला गुरु, अमृतसर से गिरफ्तार किया।

दूसरा मामला (थाना बालूगंज):
18 मई 2026 को अभियोग संख्या 91/2026 के तहत जय सिंघला (23) निवासी सोलन, हिमाचल प्रदेश से 14 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। डिजिटल साक्ष्यों और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर पता चला कि इस खेप का सप्लायर मोगा (पंजाब) का अमृत पाल और हरियाणा का कुलदीप सिंह था। दोनों इंस्टाग्राम के जरिए सक्रिय थे और लाखों रुपये का लेन-देन कर चुके थे।
25 मई 2026 को पुलिस ने:
· अमृत पाल (22) निवासी मोगा, पंजाब को मोगा से
· कुलदीप सिंह (34) निवासी अम्बाला, हरियाणा को पिंजौर से
गिरफ्तार किया।
उपलब्धियां:
जिला शिमला पुलिस ने वर्ष 2026 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 134 मामले दर्ज कर 286 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बैकवर्ड लिंकेज से 42 ड्रग सप्लायर पकड़े गए, जो 2025 से 10 गुना अधिक हैं। साथ ही 32 अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं। पुलिस अब स्थानीय गिरफ्तारियों से आगे बढ़कर सप्लाई चेन और मूल स्रोतों तक पहुंच रही है।







