भावना ठाकुर,
29 मई / सोलन।
हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर के आसपास के जंगलों में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को धुएं में डुबो दिया है। लगातार कई दिनों से जल रहे है। जंगलों में लगी आग के कारण सूरज की रोशनी भी फीकी पड़ गई है, और शहर की हवा दिल्ली से भी ज्यादा जहरीली हो गई है।

शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 95 रहा, जबकि सोलन का AQI 112 तक पहुंच गया। 100 से अधिक AQI सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है। ऐसे में अगर जंगल की आग पर काबू नहीं पाया गया तो शहरवासियों को सांस संबंधी बीमारियों और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बता दें कि बीते कई दिनों से बडोग, देवठी, जौणाजी और कसौली के जंगलों में भीषण आग जारी है। वन विभाग हर साल दावा करता है कि आग पर काबू पाने के लिए पूरी तैयारी है, लेकिन इस बार विभाग की तैयारियां धरी की धराई रह गई हैं। उपग्रह (सैटेलाइट) से मिलने वाली सूचनाएं भी बेअसर साबित हो रही हैं। सवाल उठ रहा है कि करोड़ों रुपये की वन संपदा जल रही है और इसका जिम्मेदार कौन है? आज तक वन विभाग एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं पकड़ सका जिसने जंगल में आग लगाई हो। अगर सोलन के जंगल इसी तरह जलते रहे, तो यहां रहना भी मुश्किल हो जाएगा। प्रशासन और वन विभाग द्वारा आग बुझाने के किए गए सभी इंतजाम विफल नजर आ रहे हैं









