– भ्रष्टाचार के हर आरोप पर जवाब देने की बजाय बेशर्मी दिखा रहे हैं प्रदेश के मुखिया
हिमाचल समय न्यूज़,
05 जून / मंडी।
मंडी से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हार की बौखलाहट मुख्यमंत्री के चेहरे और बयानों में साफ दिखाई दे रही है। इसीलिए वह जनादेश और लोकतंत्र का अपमान कर रहे हैं। संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जिन जनप्रतिनिधियों को हजार लोग चुनकर भेजते हैं उनके बारे में अपमानजनक और ओछी टिप्पणी करना मुख्यमंत्री की मानसिकता को दर्शाता है। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों के बारे में अनर्गल टिप्पणी उनकी संवैधानिक व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाती है। मुख्यमंत्री का बयान पूरी तरीके से शर्मनाक है और उन्हें अपने इस बयान के लिए प्रदेशवासियों से और जनप्रतिनिधियों से माफी मांगनी चाहिए।

जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के एक के बाद एक आरोप लगे। उनके साथ काम कर रहे अधिकारियों पर भी आए दिन सवाल उठे। मित्र मंडली द्वारा मचाई गई लूट और फैलाई गई अराजकता से पूरा प्रदेश त्रस्त है। लेकिन भ्रष्टाचार के हर आरोप पर मुख्यमंत्री सिर्फ बेशर्मी दिखाते हैं। 1500 करोड़ से ज्यादा के चेस्टर हिल मामले में नाम आने पर मुख्यमंत्री ने आला अधिकारियों को बचाने के लिए जिस तरीके के बयान दिए वह पूर्णतया शर्मनाक और उनकी भ्रष्टाचार के समर्थन की सोच को उजागर करता है। आज मुख्यमंत्री पर उनके ही पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं वह शर्मसार करने वाले हैं। मुख्यमंत्री पर इस तरीके के आरोप की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसके बाद भी मुख्यमंत्री उन आरोपों पर जवाब देने से भाग रहे हैं और जो कह रहे हैं वह सर्वथा उनकी लाचारी को दिखाता है। भ्रष्टाचार के इतने बड़े मामले पर मुख्यमंत्री का चुप रहना पूरे के पूरे प्रकरण को संदिग्ध बताने के लिए काफी है। इतने बड़े मसले को मसाला कह देने से काम नहीं चलेगा।

मुख्यमंत्री को इन आरोपों का जवाब देना होगा। हर बात को टाल जाना, विपक्ष पर आरोप लगा देना। भ्रष्टाचार के आरोपों को राजनीतिक रंग दे देना हर बार नहीं चलेगा। प्रदेश को जवाब देना होगा और अटैचियों के आरोप के बारे में बताना होगा। झूठ बोलकर, लोगों को गुमराह करके मुख्यमंत्री सरकार के भ्रष्टाचार को ज्यादा दिन तक नहीं छुपा पाएंगे। अब लोग बोलने और सामने आने लगे हैं। भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगी हैं। सरकार को हर आरोप पर जवाब देना होगा। इतने बड़े आरोप को मसाला कहने से अटैचियों की हकीकत नहीं दबेगी।








