भूपेंद्र ठाकुर,
01 जुलाई / शिमला।
जिला शिमला पुलिस द्वारा नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में प्रभावी विवेचना एवं न्यायालय में सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप आरोपी को दोषसिद्ध कर कठोर सजा दिलाई गई है।

थाना झाकड़ी में एफआईआर संख्या 74/2025, दिनांक 19.10.2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65 तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। मामले में आरोपी किशोरी लाल पुत्र श्री मनु राम, निवासी गांव झागोरी, तहसील रामपुर, जिला शिमला, आयु 43 वर्ष पर एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म करने का आरोप सिद्ध हुआ।
आज दिनांक 30.06.2026 को माननीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (POCSO/रेप), किन्नौर डिवीजन, रामपुर बुशहर ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गत 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा ₹10,000 का जुर्माना से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को दो माह का साधारण कारावास अतिरिक्त भुगतना होगा।

शिमला पुलिस बच्चों एवं महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति Zero Tolerance की नीति पर कार्य कर रही है। ऐसे प्रत्येक मामले में त्वरित, निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक ढंग से विवेचना कर ठोस साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड सुनिश्चित किया जा सके। भविष्य में भी शिमला पुलिस समाज के कमजोर एवं संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा तथा न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।








