Home डेली न्यूज़ जल है तो कल है: सोलन में गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल ने ‘ब्लू...

जल है तो कल है: सोलन में गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल ने ‘ब्लू डे’ के माध्यम से दिया जल संरक्षण का संदेश

60
0

भावना ठाकुर/सोलन।
गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में दिनांक 25 मार्च, 2026 को कक्षा प्री-नर्सरी से दूसरी तक के विद्यार्थियों द्वारा “ब्लू डे” कार्यक्रम अत्यंत उत्साह, उमंग एवं जागरूकता के साथ मनाया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जल के महत्व एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। नीला रंग जल का प्रतीक होने के कारण पूरे कार्यक्रम की थीम जल संरक्षण पर आधारित रही।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर एक सुंदर नीले वातावरण में रंगा नजर आया। सभी छात्र-छात्राएँ एवं शिक्षकगण नीले परिधान में सुसज्जित होकर उपस्थित हुए, जिससे विद्यालय में एकता, अनुशासन और जागरूकता का प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर अपनी रचनात्मकता और प्रतिभा का परिचय दिया।

Jeevan Ayurveda Clinic

इसी अवसर पर विद्यालय में कक्षा 4 एवं 5 के विद्यार्थियों के लिए “अफैम्रल (अल्पकालिक) पेंटिंग प्रतियोगिता” का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिता में छात्रों ने मिट्टी, पत्तियाँ, फूल, प्राकृतिक रंगों एवं अन्य अस्थायी माध्यमों का उपयोग करते हुए जल संरक्षण पर आधारित आकर्षक एवं संदेशपूर्ण चित्र बनाए। इस गतिविधि ने बच्चों की रचनात्मकता के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति उनकी संवेदनशीलता को भी उजागर किया।

विद्यालय के समर्पित शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाया। साथ ही, अभिभावकों का सहयोग भी सराहनीय रहा, जिन्होंने बच्चों को प्रेरित कर इस पहल को सार्थक रूप प्रदान किया।

विद्यालय की आदरणीय प्रधानाचार्या डॉ० लखविंदर कौर अरोड़ा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय प्रबंधन समिति के निरंतर प्रयासों एवं दूरदर्शिता के कारण ऐसे जागरूकता कार्यक्रम संभव हो पा रहे हैं। उन्होंने जल संरक्षण पर बल देते हुए कहा—
“जल जीवन का आधार है। यदि हम आज जल का संरक्षण नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए यह एक गंभीर संकट बन सकता है। हमें प्रतिदिन छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से जल बचाने की आदत डालनी चाहिए।”

यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मन में पर्यावरण संरक्षण एवं जल बचाने की भावना जागृत करने का एक सशक्त प्रयास सिद्ध हुआ। विद्यालय द्वारा दिया गया यह संदेश निश्चित रूप से समाज में जागरूकता फैलाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here