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PM ने बिहार में SJVN की 1320 मेगावाट बक्सर ताप विद्युत परियोजना की प्रथम यूनिट का उद्घाटन किया

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सततशील एवं औद्योगिक विकास तथा बुनियादी ढांचे के विस्तार को बढ़ावा देने के लिए आज बोधगया से बिहार में 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

हिमाचल समय, शिमला, 22 अगस्त।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सततशील एवं औद्योगिक विकास तथा बुनियादी ढांचे के विस्तार को बढ़ावा देने के लिए आज बोधगया से बिहार में 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

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इस ऐतिहासिक अवसर पर,  प्रधानमंत्री, नरेन्द्र मोदी ने विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत नवरत्न सीपीएसयू एसजेवीएन की 1320 मेगावाट बक्सर ताप विद्युत परियोजना की प्रथम यूनिट (1×660 मेगावाट) का वर्चुअल

माध्यम से उद्घाटन किया। इस समारोह में बिहार के राज्यपाल, आरिफ मोहम्मद खां, बिहार के मुख्यमंत्री, श्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री, बिहार के उपमुख्यमंत्री, राज्य मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम में विद्युत मंत्रालय के सचिव (विद्युत), पंकज अग्रवाल और एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री भूपेंद्र गुप्ता, निदेशक (कार्मिक),

अजय कुमार शर्मा, एसटीपीएल के सीईओ, विकास शर्मा और एसजेवीएन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।  भारत और नेपाल में एसजेवीएन

और इसकी अधीनस्थ कंपनियों के सभी परियोजनाओं एवं इकाइयों के कर्मी इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग के साक्षी बने।

बिहार के बक्सर जिले के चौसा में स्थित 1320 मेगावाट (2×660 मेगावाट) की बक्सर ताप विद्युत परियोजना का कार्यान्वयन एसजेवीएन की पूर्ण स्वामित्व वाली अधीनस्थ कंपनी एसजेवीएन थर्मल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा

रहा है। माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिनांक 09 मार्च 2019 को इस परियोजना की आधारशिला रखी। अत्याधुनिक सुपरक्रिटिकल तकनीक से सुसज्जित, यह परियोजना उच्च दक्षता और कम पर्यावरणीय प्रभाव सुनिश्चित

करती है। यह परियोजना 13,756.56 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ सालाना 9,828.72 मिलियन यूनिट विद्युत

का उत्पादन करेगी, जिसमें से बिहार को 85% विद्युत दीर्घकालिक विद्युत खरीद करार के तहत आबंटित की गई है।

यह परियोजना बिहार और पूर्वी क्षेत्र में विद्युत की उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी, व्यस्ततम डिमांड के दौरान विद्युत की कमी को कम करेगी और ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ करेगी। 

इसके निर्माण में लगभग 2,54,932 मीट्रिक टन स्टील और 2,80,362 टन सीमेंट का उपयोग किया गया, जिससे घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के विजन को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला है। 

निर्माण चरण के दौरान, इस परियोजना में प्राथमिक लाभार्थी के रूप में स्थानीय निवासी के साथ प्रतिवर्ष लगभग 5,000 श्रमिक कार्यरत रहे। इस परियोजना ने  प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार के रोजगार के अवसर उपन्न

किए हैं, जो इसके प्रचालन चरण के दौरान भी जारी रहेंगे। इससे स्थानीय बाजारों, छोटे व्यवसायों, होटलों और परिवहन सेवाओं में भी वृद्धि दर्ज हुई, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास में योगदान मिला है।

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इसके अतिरिक्त, एसजेवीएन ने समावेशी विकास और दीर्घकालिक सामाजिक प्रभाव सुनिश्चित करते हुए शिक्षा, 

स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, पेयजल और महिला सशक्तिकरण में सामुदायिक विकास पहलों को सक्रिय रूप से आरंभ किया है।

एसजेवीएन लिमिटेड, विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन भारत सरकार एवं हिमाचल प्रदेश सरकार के  संयुक्त उपक्रम के रूप में एक नवरत्न सीपीएसयू है।

हिमाचल प्रदेश में भारत के सबसे बड़े 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जल विद्युत स्टेशन से अपनी यात्रा आरंभ करते हुए, एसजेवीएन के पास आज हाइड्रो, थर्मल, विंड, सौर और ट्रांसमिशन से युक्त एक विविधिकृत पोर्टफोलियो है। 

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