Home राजनीतिक हिमाचल की विविधता को समृद्ध करती है तिब्बती संस्कृति

हिमाचल की विविधता को समृद्ध करती है तिब्बती संस्कृति

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तिब्बती समुदाय के आध्यात्मिक गुरू परम पावन दलाई लामा के 90वें जन्म दिवस के अवसर पर छोटा शिमला स्थित सम्भोटा तिब्बतन स्कूल में भव्य समारोह आयोजित किया गया।

हिमाचल समय, शिमला, 06 जुलाई।

तिब्बती समुदाय के आध्यात्मिक गुरू परम पावन दलाई लामा के 90वें जन्म दिवस के अवसर पर छोटा शिमला स्थित सम्भोटा तिब्बतन स्कूल में भव्य समारोह आयोजित किया गया।

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समारोह में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उप-मुख्यमंत्री ने दलाई लामा को विश्व शांति, करुणा, एकता और मानवता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन सत्य,

अहिंसा और करुणा की मिसाल है और वह न केवल तिब्बती समुदाय के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल की भूमि धर्मशाला में उनका निवास हम सभी के लिए गर्व की बात है। धर्मशाला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का श्रेय भी परम पावन दलाई लामा को ही

जाता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय को तिब्बती संस्कृति और इतिहास के बारे में जानकारी हासिल करनी चाहिए।  

उन्होंने कहा कि भारत और हिमाचल प्रदेश सरकार ने तिब्बती समुदाय के साथ सदैव ही स्नेह व भाईचारे का व्यवहार किया है।

हम तिब्बती समुदाय के साथ एक परिवार की तरह रहते हैं तथा तिब्बती समुदाय को यहां अच्छा वातावरण मिला है।

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने तिब्बती समुदाय के हितों की रक्षा के लिए समय-समय पर अनेक अहम कदम उठाए हैं और इसमें पूर्व की कांग्रेस सरकारों का अहम योगदान रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की बौद्ध धर्म एवं परम पावन दलाई लामा के प्रति गहरी आस्था थी। उन्होंने कहा कि तिब्बती समुदाय को वोट देने का अधिकार भी दिया गया है, जो भारत की लोकतांत्रिक

परंपराओं की मिसाल है। उप-मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि प्रदेश में होने वाले मेलों व उत्सवों में तिब्बती कलाकारों को अपनी संस्कृति के प्रदर्शन का अवसर प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग को तिब्बती सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने तिब्बती पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को सहेजने और आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस दौरान उन्होंने निःशुल्क चिकित्सा शिविर का शुभारंभ भी किया गया। कार्यक्रम में तिब्बती समुदाय के लोगों और स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर भारत-तिब्बत मैत्री संघ के अध्यक्ष प्रो. वी एस नेगी ने तिब्बती संस्कृति और इतिहास पर प्रकाश डाला।

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मुख्य प्रतिनिधि अधिकारी लखपा त्सेरिंग ने उप-मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा कार्यक्रम आयोजन बारे विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, पार्षद शीनम कटारिया, एलटीए के अध्यक्ष तेनजिन, पूर्व महापौर राकेश शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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