भूपेंद्र ठाकुर,
02 जून / शिमला।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सचिवालय क्षेत्र में बिना अनुमति प्रदर्शन करने और यातायात बाधित करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कानूनी कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया है। प्रदर्शन के चलते आम जनता और वाहन चालकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
पुलिस थाना पूर्व (ईस्ट) शिमला में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने, वैध आदेशों की अवहेलना करने और लोक असुविधा फैलाने का मामला दर्ज किया गया है।

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि प्रदर्शनकारियों के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध होने के बावजूद जानबूझकर प्रतिबंधित क्षेत्र में एकत्र होकर प्रदर्शन किया गया। इस कारण सचिवालय और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था चरमरा गई।
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी संगठन या नागरिक के शांतिपूर्ण और विधिसम्मत तरीके से विचार व्यक्त करने के लोकतांत्रिक अधिकार का पूर्ण सम्मान करती है, लेकिन कानून का उल्लंघन कर सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करना और जनता को असुविधा पहुंचाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।








