भूपेंद्र ठाकुर,
01 अक्तूबर / शिमला।
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज शिमला में न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त पैट्रिक राटा के नेतृत्व में हिमाचल के प्रवास पर आए छह सदस्यीय दल के साथ बैठक की।
बैठक में हिमाचल के तीन दिवसीय प्रवास पर आए इस प्रतिनिधिमंडल ने हिमाचल में बागवानी के विविध आयामों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।
जगत नेगी ने कहा कि इंडो-न्यूजीलैंड कृषि परियोजना के तहत सेब, कीवी और नाशपाती के लिए 15 करोड़ रुपये से प्रस्तावित इंडो-न्यूजीलैंड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रदेश में बागवानी क्षेत्र के विस्तार में सहायक साबित होगा।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हजारों परिवार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बागवानी क्षेत्र से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य न्यूजीलैंड की तकनीकी दक्षता से किसानों का कौशल उन्नयन करना और उन्हें बागवानी की नई तकनीकों से अवगत करवाना है।
इस परियोजना के तहत गुणवत्तापूर्ण, रोग प्रतिरोधी और बेहतर पौध नर्सरियों को विकसित किया जाएगा। इसमें आधुनिक और बेहतर तकनीकों का उपयोग करते हुए बाजार की मांग के अनुरूप कीवी, सेब और नाशपाती की पौध की उपलब्धता सुनिश्चित करने सहित एकीकृत पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन की सुविधाएं तैयार की जाएंगी। परियोजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट के माध्यम से उनके कौशल उन्नयन पर बल दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल इस परियोजना के लिए प्रस्तावित स्थलों का दौरा करेगा और इन क्षेत्रों की भौगोलिक स्थितियों का सटीक आकलन करेगा। इसके तहत प्रतिनिधिमंडल जिला सिरमौर के राजगढ़ का दौरा करेगा।
बैठक में न्यूजीलैंड के विशेष कृषि व्यापार दूत नाथन गाइ, कांउसलर प्राथमिक उद्योग, उच्चायोग जेम्स वॉ, कृषि साझेदारी प्रबंधक सुश्री प्रियम अरोड़ा, सुश्री डेनियल व लैकलन, बागवानी विभाग के अतिरिक्त निदेशक विद्या प्रकाश और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।








