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छात्रा की मांग पर मुख्यमंत्री ने राजकीय विद्यालय रोहडू के नए भवन के लिए दो करोड़ रुपये की घोषणा की

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– मुख्यमंत्री ने रोहड़ू में राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के विद्यार्थियों से किया संवाद

भूपेंद्र ठाकुर,

01 अक्तूबर / रोहडू ( शिमला)।

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज रोहडू स्थित पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सीबीएसई के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के विभिन्न सवालों के जवाब दिए और उनकी जिज्ञासाओं एवं विचारों को सुना। संवाद के दौरान एक छात्रा द्वारा स्कूल के नए भवन की मांग रखे जाने पर मुख्यमंत्री ने नए भवन के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नए भवन के निर्माण के लिए यह राशि पर्याप्त नहीं होगी तथा राज्य सरकार आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध करवाएगी।

उन्होंने कहा कि नए परिसर के निर्माण में कुछ समय लगेगा, लेकिन सरकार का लक्ष्य प्रदेश में सीबीएसई स्कूलों के लिए आधुनिक और बेहतर सुविधाओं से युक्त उत्कृष्ट परिसरों का निर्माण करना है। छात्रा ने कहा कि सीबीएसई स्कूल बनने के बाद रोहड़ू स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है और यहां दो शिफ्ट में कक्षाएं चलानी पड़ रही है। इसलिए यहां पर नए भवन की आवश्यकता है।
श्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी क्षेत्र में सीबीएसई स्कूल खोलने पर विशेष बल दे रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाना है, ताकि उन्हें निजी स्कूलों के समान आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।
एक विद्यार्थी ने मुख्यमंत्री से जानना चाहा कि उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य क्या है, लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करना या अपने समय का प्रबंधन करना? इसके उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों ही महत्वपूर्ण हैं, लेकिन प्रदेश की आर्थिक स्थिति में समयबद्ध सुधार लाना सबसे बड़ी चुनौती रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है और आने वाले समय में प्रदेश को देश के अग्रणी एवं समृद्ध राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य है।
यूकेजी के एक विद्यार्थी ने ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से उनके बचपन में दादा-दादी द्वारा सुनाई जाने वाली कहानियों के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने अपने बचपन की स्मृतियां साझा करते हुए बताया कि सर्दियों के दिनों में परिवार के सदस्य आग के सामने बैठकर उन्हें कहानियां सुनाया करते थे। उन्होंने ‘सात बहनों’ की कहानी का भी उल्लेख किया।
एक विद्यार्थी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते उपयोग से बच्चों के बौद्धिक विकास पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई आधुनिक समय की महत्वपूर्ण तकनीक है, लेकिन इसके प्रभावी उपयोग के लिए शिक्षा और ज्ञान का मजबूत आधार आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा ही उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाएगी।
रोजगार के अवसरों के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए अच्छी शिक्षा सबसे आवश्यक है, क्योंकि शिक्षा उनके सोचने-समझने की क्षमता विकसित करती है और उन्हें भविष्य में सही दिशा चुनने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के साथ-साथ स्वरोजगार को भी बढ़ावा दे रही है, ताकि युवा अपने लिए रोजगार के नए अवसर स्वयं सृजित कर सकें।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश का भविष्य उज्ज्वल है। राज्य सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने तथा आर्थिक रूप से सुदृढ़ एवं समृद्ध प्रदेश के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, नशा निवारण बोर्ड के सह-संयोजक संजय भारद्वाज, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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