भावना ठाकुर,
24 सितंबर / सोलन।
भारतीय जनता पार्टी सोलन शहरी मंडल के अध्यक्ष शैलेंद्र ने कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ किए गए प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि “केंद्र के खिलाफ बीन बजाने से पहले कांग्रेस अपने वादों की धुन सुने। जनता अब बीन नहीं, हिसाब मांग रही है।”

शैलेंद्र गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तो किया, लेकिन केंद्र को कोसने से पहले कांग्रेस को हिमाचल की जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। चुनाव के समय किए गए वादों और गारंटियों को लेकर जनता आज भी जवाब मांग रही है। केवल सड़क पर प्रदर्शन करने और प्रतीकात्मक राजनीति करने से जनता के वास्तविक सवाल खत्म नहीं होंगे।
उन्होंने कहा कि आज का कांग्रेस कार्यक्रम देखकर ऐसा प्रतीत हुआ कि मंच केंद्र सरकार के खिलाफ कम और कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति के लिए ज्यादा इस्तेमाल हो रहा था। कांग्रेस प्रभारी की मौजूदगी में भी यदि पार्टी के भीतर की खींचतान और एक-दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिशें सार्वजनिक रूप से दिखाई दें, तो इससे कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति पर स्वयं सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “जिस कांग्रेस को केंद्र के खिलाफ बीन बजानी पड़ रही है, वह पहले अपने ही सुर और ताल ठीक करे। प्रभारी के सामने अगर नेता ही एक-दूसरे की काट में लगे हों, तो जनता इसे जनहित का कार्यक्रम नहीं, बल्कि कुर्सी और वर्चस्व की लड़ाई के रूप में देखती है।”
शैलेंद्र गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस को भैंस के आगे बीन बजाने की राजनीति छोड़कर जनता के बीच जाकर जवाब देना चाहिए। प्रदर्शन में किसी पशु को शामिल किए जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 और उसके तहत लागू नियमों के अनुसार पशुओं के साथ अनावश्यक पीड़ा, असुविधा या अनुचित व्यवहार निषिद्ध है। राजनीतिक प्रदर्शन में पशुओं की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस मामले में पुलिस को तथ्यों की जांच कर कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि “यदि यह बीन बजानी ही थी, तो श्रीमती प्रियंका वाड्रा गांधी जी के सामने बीन बजाई जानी चाहिए थी, जिन्होंने वर्ष 2022 में सोलन में जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे। उन्हें बीन बजाकर जगाया जाना चाहिए, क्योंकि जनता आज भी युवाओं के लिए नौकरियों और बहनों के लिए 1,500 रुपये की सहायता राशि का इंतजार कर रही है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस को केंद्र पर आरोप लगाने से पहले अपने चुनावी वादों की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और जनता को बताना चाहिए कि युवाओं को रोजगार तथा बहनों को 1,500 रुपये की सहायता राशि से जुड़े वादों पर अब तक क्या प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि “केंद्र के खिलाफ बीन बजाने से न पानी आएगा, न रोजगार मिलेगा और न ही अधूरे वादे पूरे होंगे। कांग्रेस पहले हिमाचल की जनता के सवालों का हिसाब दे, उसके बाद केंद्र से सवाल पूछे।”
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जनता के मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और वादों तथा हकीकत के बीच के अंतर को जनता के सामने रखती रहेगी।






