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हिमाचल में PGT भर्ती नियमों में बदलाव की मांग, अंग्रेजी और गणित के अभ्यर्थियों को मिले समान अवसर

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भूपेंद्र ठाकुर,

08 नवंबर / शिमला।

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हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (HPRCA) द्वारा आयोजित पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) भर्ती प्रक्रिया में अंग्रेजी और गणित विषयों के लिए निर्धारित पात्रता मानदंडों को लेकर अभ्यर्थियों में असंतोष व्याप्त है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इन दोनों विषयों के लिए निर्धारित नियम अन्य विषयों की तुलना में अलग और अधिक कठोर हैं, जिसके कारण अनेक योग्य अभ्यर्थी आवेदन करने से वंचित रह रहे हैं। इस संबंध में सरकार एवं संबंधित आयोग से भर्ती नियमों में संशोधन कर सभी विषयों के लिए समान, तार्किक और न्यायसंगत पात्रता मानदंड लागू करने की मांग की गई है।

पूर्व में आयोजित भर्ती प्रक्रिया के दौरान अंग्रेजी विषय के लगभग 118 अभ्यर्थी तथा गणित विषय के 40 से अधिक अभ्यर्थी दस्तावेज सत्यापन (DV) के चरण तक पहुंचने के बावजूद निर्धारित पात्रता मानदंडों के कारण बाहर हो गए थे। अभ्यर्थियों का कहना है कि ऐसे अनेक उम्मीदवार भी हैं, जो कठोर पात्रता शर्तों के कारण आवेदन ही नहीं कर पाए। इससे योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसरों से वंचित होना पड़ रहा है।

विशेष रूप से वर्ष 2008 से 2013 के बीच स्नातक स्तर पर 55 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनेक अभ्यर्थियों के लिए कठिन रहा। उस समय की परीक्षा प्रणाली एवं मूल्यांकन व्यवस्था को देखते हुए कई उम्मीदवार निर्धारित अंकों की अनिवार्य शर्त पूरी नहीं कर पाए। अभ्यर्थियों का तर्क है कि यदि वर्तमान भर्ती नियमों में संशोधन नहीं किया गया, तो लंबे समय से तैयारी कर रहे अनेक उम्मीदवारों की मेहनत और शैक्षणिक योग्यताएं रोजगार के अवसरों से वंचित रह सकती हैं।

अभ्यर्थियों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित चार मांगें उठाई हैं:

  1. पात्रता का मुख्य आधार स्नातक नहीं, संबंधित विषय में M.A. एवं B.Ed. हो

अभ्यर्थियों की मांग है कि PGT भर्ती में पात्रता के मूल्यांकन का मुख्य आधार स्नातक स्तर के अंकों के बजाय संबंधित विषय में स्नातकोत्तर (M.A.) तथा B.Ed. की योग्यता को बनाया जाए। उनका कहना है कि जिस प्रकार अन्य विषयों में निर्धारित शैक्षणिक योग्यताओं को महत्व दिया जाता है, उसी प्रकार अंग्रेजी और गणित के अभ्यर्थियों को भी समान अवसर प्रदान किए जाने चाहिए।

  1. B.Sc. + B.Ed. + M.A. English धारकों को PGT English के लिए पात्र माना जाए

विज्ञान वर्ग से स्नातक (B.Sc.) करने के बाद B.Ed. तथा अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर (M.A. English) की डिग्री प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को PGT English भर्ती में पात्रता प्रदान करने की मांग की गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि संबंधित विषय में स्नातकोत्तर योग्यता एवं शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त होने के बावजूद केवल स्नातक स्तर की विषयगत शर्तों के कारण उन्हें अवसर से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

  1. B.A. एवं B.Sc. में अंग्रेजी अथवा गणित विषय के 55 प्रतिशत अंकों की अनिवार्य शर्त में संशोधन किया जाए

अभ्यर्थियों ने B.A. एवं B.Sc. स्नातक डिग्री में अंग्रेजी अथवा गणित विषय में 55 प्रतिशत अंक प्राप्त करने की अनिवार्य शर्त पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि स्नातक स्तर पर निर्धारित विषय में 55 प्रतिशत अंकों की शर्त को अन्य विषयों की भर्ती के समान संशोधित किया जाए, ताकि संबंधित विषय में उच्च शैक्षणिक योग्यता प्राप्त उम्मीदवार भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकें।

  1. सभी विषयों के लिए समान एवं न्यायसंगत पात्रता मानदंड लागू किए जाएं

अभ्यर्थियों की सबसे प्रमुख मांग है कि PGT भर्ती के सभी विषयों के लिए पात्रता मानदंड समान, तार्किक और न्यायसंगत बनाए जाएं। अंग्रेजी एवं गणित विषयों के लिए अलग और कठोर शर्तों के कारण उत्पन्न विसंगतियों को दूर किया जाए। सरकार एवं संबंधित आयोग से आग्रह किया गया है कि अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता, वर्तमान परिस्थितियों तथा पूर्व भर्ती प्रक्रिया में सामने आई समस्याओं को ध्यान में रखते हुए नियमों में आवश्यक संशोधन किया जाए।

अभ्यर्थियों ने सरकार एवं संबंधित आयोग से मांग की है कि इन सुझावों पर गंभीरता से विचार कर भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन किया जाए तथा सभी विषयों के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए जाएं। उनका कहना है कि पात्रता मानदंडों में न्यायसंगत बदलाव से न केवल योग्य अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी, बल्कि भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं व्यापक भी बनेगी।

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