Home डेली न्यूज़ गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा परिणाम के साथ संस्कार और...

गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा परिणाम के साथ संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण को समान महत्व

39
0
Gurukul International School
गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 25 दिसंबर को परीक्षा परिणाम के उपलक्ष्य में अभिभावकों के लिए एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों के सर्वांगीण विकास, मोबाइल के संतुलित उपयोग तथा बच्चों के जीवन में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।

हिमाचल समय, शिमला, 25 दिसम्बर ।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्रशासन द्वारा अभिभावकों के आत्मीय स्वागत से की गई। इसके पश्चात परीक्षा परिणाम की संक्षिप्त जानकारी दी गई और बच्चों की शैक्षणिक प्रगति पर सार्थक चर्चा की गई।

Jeevan Ayurveda Clinic

खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए हिमाचल में खेल अधोसंरचना का किया जा रहा विकास: मुख्यमंत्री

इस अवसर पर यह स्पष्ट किया गया कि केवल अंक ही सफलता का मापदंड नहीं होते, बल्कि बच्चों में संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और भावनात्मक संतुलन का विकास भी उतना ही आवश्यक है।

ओरिएंटेशन सत्र के दौरान अभिभावकों से विशेष आग्रह किया गया कि वे अपने बच्चों को अत्यधिक मोबाइल फोन एवं अन्य डिजिटल उपकरणों के उपयोग से दूर रखें। वर्तमान समय में मोबाइल बच्चों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बनता जा रहा है, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। अभिभावकों को यह भी समझाया गया कि बच्चे अपने माता-पिता का ही अनुसरण करते हैं, अतः यदि माता-पिता स्वयं मोबाइल के सीमित उपयोग का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे, तो बच्चे भी स्वाभाविक रूप से ऐसा ही करेंगे।

इसके अतिरिक्त अभिभावकों से अनुरोध किया गया कि वे अपने बच्चों को पर्याप्त समय दें, उनसे संवाद करें, उनकी समस्याओं को सुनें, उनके साथ खेलें और सकारात्मक गतिविधियों में सहभागिता करें। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भावनात्मक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। परिवार के साथ बिताया गया गुणवत्तापूर्ण समय बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण विद्यालय के शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। नृत्य, नाटक और नृत्य-नाटिका के माध्यम से शिक्षकों ने अत्यंत प्रभावशाली संदेश दिया कि मोबाइल की अधिकता किस प्रकार बच्चों को परिवार और समाज से दूर कर रही है तथा माता-पिता का स्नेह, समय और मार्गदर्शन उन्हें सही दिशा देने में कितना महत्वपूर्ण है। यह प्रस्तुति न केवल मनोरंजक थी, बल्कि भावनात्मक और प्रेरणादायक भी रही।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन की ओर से अभिभावकों के लिए जलपान की सुंदर व्यवस्था की गई, जिससे आयोजन और भी सौहार्दपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. लखविंदर कौर अरोड़ा ने अभिभावकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

मुख्यमंत्री ने शिमला विंटर कार्निवाल का किया शुभारम्भ

यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम अभिभावकों और विद्यालय के बीच एक मजबूत सेतु सिद्ध हुआ। अभिभावकों ने विद्यालय, प्रधानाचार्या एवं शिक्षकों के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की और आश्वासन दिया कि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विद्यालय के साथ निरंतर सहयोग करेंगे। कुल मिलाकर यह कार्यक्रम अत्यंत सफल, सार्थक और प्रेरणादायक रहा, जिसने शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों के महत्व को भी प्रभावी रूप से उजागर किया।

ताज़ा खबरों के लिए जोड़े www.himachalsamay.com

CONGRESS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here