भूपेंद्र ठाकुर,
10 अगस्त / शिमला।
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां वर्ष 2023, 2024 और 2025 के विशेष राहत पैकेज की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पीडीएनए वर्ष 2023 की विस्तृत जानकारी भी हासिल की। बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
राजस्व मंत्री ने सभी उपायुक्तों को पूर्ण और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों, गोशालाओं व दुकानों इत्यादि का ब्योरा तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में लोगों को पैकेज न मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश देते हुए कहा कि जो परिवार विशेष राहत पैकेज से छूट गए हैं उनका विवरण शीघ्र तैयार कर राहत राशि प्रदान की जाए।

विभिन्न शहरों में भीड़-भाड़ कम करने को लेकर राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक भी आयोजित हुई। बैठक में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी उपस्थित थे।
शिमला शहर, मुख्य औद्योगिक क्षेत्रों जैसे बीबीएन और जिला मुख्यालयों में भीड़ कम करने तथा विशेष रूप से मंडियों को स्थानांतरित करने के संबंध में यह मंत्रिमंडलीय उप-समिति गठित की गई है।
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने अवगत करवाया कि अनाज मंडी, सब्जी मंडी, टिम्बर मार्केट और ट्रांसपोर्ट मार्केट को स्थानातंरित करने को लेकर भूमि की पहचान कर ली गई है। अगली बैठक में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। बैठक में विधायक हरीश जनारथा, निदेशक शहरी विकास नीरज कुमार और नगर नियोजन एवं शहरी विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
बीबीएन क्षेत्र में एक नई टाउनशिप योजना और चंडीगढ़ शहर की तर्ज पर एक सैटेलाइट टाउन की स्थापना करने के दृष्टिगत आयोजित समीक्षा बैठक में यह अवगत करवाया गया कि राजस्व विभाग द्वारा 7 हजार बीघा भूमि हिमुडा को सौंप दी गई है, जिसका इंतकाल भी कर दिया गया है।
इस बैठक में बद्दी के विधायक राम कुमार चौधरी, सचिव नगर नियोजन एवं शहरी विकास अमरजीत सिंह, सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा और हिमुडा के सीईओ सुरेंद्र वशिष्ठ उपस्थित थे।








