भूपेंद्र ठाकुर,
11 अगस्त / शिमला।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसूनी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 11 अगस्त सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 259 सड़कें बंद हो गई हैं। एक दिन पहले शाम तक यह संख्या 106 थी, जो कुछ घंटों में ही ढाई गुना से अधिक बढ़ गई।
सबसे ज्यादा प्रभावित मंडी जिला है, जहां 120 सड़कें बंद हैं। चंबा में 42, कुल्लू में 40 और शिमला में 30 सड़कें अवरुद्ध हैं। वहीं राहत की बात यह है कि सोलन जिले में कोई सड़क बंद होने की सूचना नहीं है। किन्नौर में रिस्पा संपर्क सड़क जलस्तर बढ़ने के कारण बंद कर दी गई है। सिरमौर में 15, ऊना में चार तथा लाहौल-स्पीति में दो सड़कें प्रभावित हैं।

बिजली आपूर्ति पर भी बारिश का गंभीर असर पड़ा है। प्रदेशभर में 161 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित हैं। मंडी में सर्वाधिक 77 ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं, जबकि शिमला में 43, कुल्लू में 40 और चंबा में 16 ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं। पेयजल आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश की 54 पेयजल योजनाओं की आपूर्ति बाधित है, जिसमें मंडी और शिमला की 33-33 योजनाएं शामिल हैं।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 30 जून से 9 अगस्त तक की संचयी रिपोर्ट चिंताजनक आंकड़े पेश करती है। मानसून सीजन में आपदा के कारण प्रदेश में 157 लोगों की जान गई है, जबकि 257 लोग घायल हुए हैं और 628 पशुओं की मौत दर्ज की गई है। मौतों के मामले में चंबा 24, कांगड़ा और कुल्लू में 21-21, शिमला में 20, लाहौल-स्पीति में 18 और सिरमौर में 16 मौतें दर्ज हैं।
आपदा के अलावा सड़क हादसों में भी 89 लोगों की जान गई है। सड़क दुर्घटनाओं में चंबा में 15, कुल्लू में 13, शिमला में 12 और मंडी में 11 मौतें हुई हैं। बारिश और आपदा से घरों, दुकानों, पशुशालाओं, फसलों और सरकारी ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। 9 अगस्त तक कुल नुकसान का आंकड़ा 88,637.55 लाख रुपये दर्ज किया गया है।








