भूपेंद्र ठाकुर,
29 जुलाई / शिमला।
कृषि विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां जानकारी दी कि कृषि अभियान्त्रिकी के अन्तर्गत सरकार द्वारा पहाड़ी खेती के मशीनीकरण के लिए प्रदेश के किसानों में नये विकसित उपकरण तथा आधुनिक मशीनरी को प्रचलित किया जा रहा है। विभाग द्वारा किसानों को बड़े स्तर पर पावर टिलर व पावर वीडर एवं अन्य कृषि उपकरण उपदान पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। सरकार के कृषि अभियांत्रिकी उप-मिशन के अंतर्गत कृषि उपकरण अनुदान के लिए किसान कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल ंहतपउंबीपदमतलण्दपबण्पद के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि पोर्टल पूर्ण पारदर्शी तरीके से लॉटरी सिस्टम के सिद्धांत पर काम करता है। यह पोर्टल 31 जुलाई, 2026 से वर्ष 2026-27 के लिए सक्रिय हो जाएगा तथा हर जरूरतमंद किसान इसके माध्यम से 20 अगस्त, 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि 21 अगस्त, 2026 को लॉटरी के माध्यम से किसानों को सम्बन्धित उपकरणों के लिए चयनित किया जाएगा। कृषि यंत्र लघु, सीमांत, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध होगें।
प्रवक्ता ने बताया कि मशीनरी आधुनिक कृषि का एक महत्त्वपूर्ण अंग है। मशीनों के उपयोग से सभी कृषि कार्यांे को समयबद्ध तथा कुशलतापूर्वक पूर्ण करने से बहुफसली सघन खेती की सफलता सुनिश्चित की जा सकती है। कृषि कार्यों में मशीनों का उपयोग करने से किसानों की कार्यक्षमता तथा आमदनी बढ़ने के साथ-साथ खेती की लागत कम होती है तथा उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ती है। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति तथा खेतों के छोटे आकार के कारण अधिक भारी मशीनरी का प्रयोग नहीं किया जा सकता। इसके दृष्टिगत कृषि विभाग द्वारा निरन्तर प्रयत्न किए जा रहे हैं कि किसानों को छोटे आकार की/छोटी, कम वजन वाली नई सुधरी हुई आधुनिक मशीनें तथा उपकरण उपलब्ध करवाए जायें।
उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि किसान केवल भारत सरकार से पंजीकृत फर्म से स्वीकृत मॉडल ही खरीदें ताकि बाद में उन्हें किसी भी तरह की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।








