भूपेंद्र ठाकुर,
20 जुलाई / शिमला।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक में कई विभागों से जुड़े अहम फैसले लिए गए। इनमें पर्वतारोहण संस्थान में पदों की बढ़ोतरी, स्कूलों में चौकीदार और मल्टी-टास्क वर्करों की भर्ती, ई-टैक्सी योजना में आयु सीमा में संशोधन, और बाल पौष्टिक आहार योजना के तहत अंडा/फल देने का निर्णय प्रमुख रूप से शामिल है।

प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:
· अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान, मनाली — स्की और पर्वतारोहण प्रशिक्षकों के 2-2 पदों को स्वीकृति, जिससे कुल पद 6 से बढ़कर 11 हो गए।
· स्पोर्ट्स हॉस्टल, भरेड़ी (हमीरपुर) — वॉलीबॉल हॉस्टल के लिए विभिन्न श्रेणियों में 4 पद भरे जाएंगे।
· सीएचसी कोटी (शिमला) — 10 बिस्तरों वाले स्वास्थ्य संस्थान के रूप में स्तरोन्नत किया गया।
· राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय — राज्य के 1,975 स्कूलों में एक-एक चौकीदार और एक-एक मल्टी-टास्क वर्कर, कुल 3,950 पदों पर भर्ती को मंजूरी।
· राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना (ई-टैक्सी) — अधिकतम आयु सीमा 45 से बढ़ाकर 50 वर्ष, न्यूनतम 23 वर्ष यथावत।
· स्वास्थ्य संस्थानों की रोगी कल्याण समितियाँ — नैदानिक परीक्षणों व चिकित्सीय प्रक्रियाओं से होने वाली आय का 50% स्वच्छता व रिएजेंट्स (रासायनिक अभिकर्मक) खरीद पर खर्च करने का अधिकार।
· मल्टी-पर्पज हेल्थ वर्कर पाठ्यक्रम — शुल्क संरचना व अन्य शर्तों को मंजूरी दी गई।
· अग्निशमन चौकी, बड़ोह (कांगड़ा) — नई फायर पोस्ट स्थापित करने व आवश्यक पदों को सृजित करने की स्वीकृति।
· मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना — संशोधन: नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के छात्रों को मिड-डे-मील के तहत सप्ताह में दो बार उबला अंडा या मौसमी फल देने का निर्णय।
· वार जागीर अनुदान — राशि 7,000 से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति वर्ष की गई।
· लापता बच्चों की निगरानी — पुलिस थानों में विधिक स्वयंसेवकों (लीगल वोलेंटियर्स) की इमपैनलमेंट को स्वीकृति।
· फोजल जलविद्युत परियोजना — क्षमता 9 मेगावाट से बढ़ाकर 16 मेगावाट की गई।
· पुलिस कांस्टेबल भर्ती (800 पद) — आवेदकों को अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की एकमुश्त छूट दी गई।
· जल शक्ति विभाग — जलापूर्ति, सिंचाई व सीवरेज योजनाओं में एनर्जी सर्विस कंपनी मॉडल अपनाने को मंजूरी।
· जाठिया देवी माउंटेन सिटी, शिमला हिल्स — विकास के लिए अनुमति प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल के इन फैसलों से प्रदेश के खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पुलिस और कल्याणकारी क्षेत्रों में व्यापक बदलाव की उम्मीद है।








