भावना ठाकुर,
04 जुलाई / सोलन।
सी.बी.एस.ई, नई दिल्ली के तत्वावधान में शनिवार को गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में पेपर प्रेजेंटेशन वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय “कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ”रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की आधुनिक अवधारणाओं से जोड़ते हुए विद्यालयी शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देना था।

कार्यशाला में विद्यालय के शिक्षकों के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों ने कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विविध विषयों में समावेश पर आधारित अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, भाषाओं तथा अन्य विषयों में ए.आई. एवं कम्प्यूटेशनल थिंकिंग के प्रभावी उपयोग के नवीन मॉडल प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास और भविष्य उन्मुख शिक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
प्रत्येक प्रस्तुति के उपरांत निर्णायक मंडल ने शोध-पत्रों की विषयवस्तु, शोध-पद्धति, व्यवहारिक उपयोगिता एवं कक्षा-कक्ष में उनके प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित प्रश्न पूछे। प्रतिभागी शिक्षकों ने आत्मविश्वास, तार्किक दृष्टिकोण एवं विषय की गहन समझ के साथ अपने विचारों का सफलतापूर्वक समर्थन किया। प्रस्तुतियों एवं प्रश्नोत्तर सत्र ने कार्यक्रम को अत्यंत संवादात्मक, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी बना दिया।
कार्यक्रम के विशेषज्ञ एवं निर्णायक मंडल में डॉ. निशांत जैन, सहायक प्राध्यापक, जे.पी. विश्वविद्यालय, वाकनाघाट, श्रीमती वंदना शर्मा, प्रधानाचार्या, साई ब्लाइट इंटरनेशनल स्कूल, धर्मपुर तथा श्री पंकज डढ़वालिया, पी.जी.टी. (इन्फॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेज), पाइनग्रोव स्कूल, धर्मपुर शामिल रहे। विशेषज्ञों ने सभी प्रतिभागियों के शोध-पत्रों की सराहना करते हुए उनके नवाचारी प्रयासों की प्रशंसा की तथा विद्यालयी शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं कम्प्यूटेशनल थिंकिंग के प्रभावी समावेश के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

कार्यक्रम के दौरान गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन की उत्कृष्ट मेजबानी, सुव्यवस्थित आयोजन, तकनीकी प्रबंधन एवं आत्मीय आतिथ्य की प्रतिभागियों और निर्णायकों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। आयोजन की सफल व्यवस्थाओं ने कार्यशाला को अत्यंत प्रभावशाली एवं यादगार बना दिया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी विशेषज्ञों ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की शिक्षा के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों को नवीन तकनीकों से जोड़ने के साथ-साथ विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक चिंतन एवं समस्या-समाधान कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।








