भावना ठाकुर,
01 जून / सोलन।
गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में दिनांक 1 जून 2026 को कक्षा 10 के विद्यार्थियों द्वारा संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अंतर्गत एसडीजी-2: भूखमुक्त विश्व तथा एसडीजी-3: उत्तम स्वास्थ्य एवं कल्याण विषयों पर एक ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस विशेष सभा का उद्देश्य विद्यार्थियों में भूखमुक्त समाज तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रेरणादायक विचार से हुआ, जिसने सभी को मानवता, स्वास्थ्य और भोजन के महत्व पर चिंतन करने के लिए प्रेरित किया। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली मूकाभिनय प्रस्तुत किया, जिसमें भोजन की बर्बादी तथा भूख से जूझ रहे लोगों की वास्तविक परिस्थितियों को दर्शाया गया। इस प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से धन्यवाद व्यक्त किया।

विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत परिचर्चा में संतुलित आहार, पोषण, स्वस्थ आदतों तथा कुपोषण की समस्याओं पर सार्थक चर्चा की गई। इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है।
कार्यक्रम में प्रस्तुत नृत्य ने स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन के महत्व को रचनात्मक ढंग से अभिव्यक्त किया। वहीं संदेश-पट्टिका प्रदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों ने “भोजन अमूल्य है”, “भोजन की बर्बादी को रोकें”, “स्वस्थ भोजन, स्वस्थ भविष्य” तथा “कोई भी भूखा न सोए” जैसे प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किए।
सभा के दौरान यह भी बताया गया कि सतत विकास लक्ष्य संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित 17 वैश्विक लक्ष्य हैं, जिनका उद्देश्य वर्ष 2030 तक एक बेहतर, समतामूलक और टिकाऊ विश्व का निर्माण करना है। एसडीजी-2 भूख को समाप्त करने तथा सभी को पर्याप्त एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर केंद्रित है, जबकि एसडीजी-3 सभी के लिए स्वस्थ जीवन और कल्याण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखता है।
पूरी सभा ज्ञान, जागरूकता और प्रेरणा से परिपूर्ण रही। विद्यार्थियों ने यह सशक्त संदेश दिया कि हमें उतना ही भोजन ग्रहण करना चाहिए जितनी आवश्यकता हो तथा भोजन की बर्बादी से बचना चाहिए। यदि हम भोजन को व्यर्थ न करें, तो यह लाखों जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। साथ ही, सभी को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और एक भूखमुक्त तथा स्वस्थ भविष्य के निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।

यह सभा न केवल जानकारीपूर्ण रही, बल्कि सभी के मन में सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय संवेदनाओं की भावना को भी सुदृढ़ करने में सफल रही। विद्यार्थियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि एक जागरूक और संवेदनशील समाज के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है।








