
भूपेंद्र ठाकुर,
12 जून / शिमला।
हिमाचल प्रदेश में प्री-मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश के कई जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज अंधड़ ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने आज (शुक्रवार) को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

राज्य में 25 जून तक मानसून के दस्तक देने की संभावना जताई गई है। इससे पहले प्री-मानसून की बौछारों ने कई जिलों में तबाही मचा रखी है। कुल्लू, सोलन, सिरमौर, मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर और चंबा में कई स्थानों पर झमाझम बारिश हुई। राजधानी शिमला में देर रात गरज-चमक और अंधड़ के साथ तेज बारिश का दौर शुरू हो गया।
भेड़-बकरियां मलबे में दबीं, हाईवे बाधित:
चंबा के रजेरा स्थित गढ़ नाला में जलस्तर अचानक बढ़ने से 20 भेड़-बकरियां मलबे में दब गई हैं। वहीं, भरमौर-पठानकोट हाईवे पर भरमौर के सरेंई नाला में मलबा आने से सड़क के टायर मिट्टी में दब गए, जिससे यातायात बाधित हो गया।
पंडोह बांध से 3000 क्यूसिक पानी छोड़ने की चेतावनी:
पंडोह बांध के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी और बढ़ते जल प्रवाह को देखते हुए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) ने ब्यास नदी में 3,000 क्यूसिक पानी छोड़ने की चेतावनी जारी की है। यह पानी आज रात या शनिवार सुबह तक नियंत्रित तरीके से छोड़ा जा सकता है। पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में जलस्तर 2 से 3 मीटर तक बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
रोहतांग में बर्फबारी, फसलों को नुकसान:
रोहतांग दर्रे में ताजा बर्फबारी ने जून माह में भी सर्दी का अहसास करा दिया है। वहीं, रामपुर उपमंडल के नोगली और कुल्लू जिले के नित्थर क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि हुई। ओलों की मार से फलों और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। धर्मशाला, पालमपुर में भी भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि और तेज अंधड़ चला।

एक तरफ ठंड, तो दूसरी तरफ उमस:
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं मैदानी और मध्य पर्वतीय जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। ऊना सहित निचले क्षेत्रों में दिन के समय गर्म हवाओं और उमस ने लोगों को परेशान किया, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम सुहावना बना रहा।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान:
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में 17 जून तक मौसम खराब बना रह सकता है। अगले कुछ दिनों में और अधिक बारिश की संभावना है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।







