भावना ठाकुर,
10 जून / सोलन।
शूलिनी यूनिवर्सिटी ने 2,000 इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) एप्लीकेशन का आंकड़ा पार करके इनोवेशन डे मनाया। यह उपलब्धि भारत के सबसे सक्रिय यूनिवर्सिटी इनोवेशन इकोसिस्टम में से एक को बनाने के ग्यारह वर्षों के सफर को दर्शाती है। इनोवेशन का यह सफर 2015 में शुरू हुआ था।
सालाना पेटेंट रिपोर्ट पेश करते हुए, शूलिनी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स ऑफिस (SIPRO) के डायरेक्टर दिनेश कुमार ने सभी इनोवेटर्स की लगन के लिए उनका धन्यवाद किया और IP इकोसिस्टम बनाने में यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट के लगातार सहयोग को सराहा।

रिपोर्ट के अनुसार, शूलिनी यूनिवर्सिटी ने अब तक 2,000 IP एसेट्स फाइल किए हैं, जिनमें 1,224 यूटिलिटी पेटेंट, 512 डिज़ाइन एप्लीकेशन, 247 कॉपीराइट और 17 ट्रेडमार्क शामिल हैं। इनमें से 989 पेटेंट पब्लिश हो चुके हैं और 656 इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज़ को मंज़ूरी या रजिस्ट्रेशन मिल चुका है। अकेले 2025 में, यूनिवर्सिटी ने 182 पेटेंट एप्लीकेशन, 37 डिज़ाइन एप्लीकेशन और 51 कॉपीराइट एप्लीकेशन फाइल किए; इसी दौरान 180 पेटेंट पब्लिश हुए और आठ पेटेंट मंज़ूर हुए।
इस कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के प्रमुख इनोवेटर्स को सम्मानित किया गया।
2025 में सबसे ज़्यादा पेटेंट फाइल करने वालों में, स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डॉ. राज कुमार सैनी ने 17 पेटेंट एप्लीकेशन के साथ पहला स्थान हासिल किया। उनके बाद फैकल्टी ऑफ़ एग्रीकल्चर के डीन प्रो. सोमेश शर्मा रहे, जिन्होंने 15 फाइलिंग कीं। स्कूल ऑफ़ एडवांस्ड केमिकल साइंसेज के प्रो. पंकज रायज़ादा और स्कूल ऑफ़ फार्मास्युटिकल साइंसेज के डीन डॉ. दीपक कुमार ने 12-12 पेटेंट फाइल किए।








