– राज्यपाल ने ईंधन संरक्षण एवं नशा मुक्त समाज के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया
भूपेंद्र ठाकुर,
24 मई / शिमला।
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कल देर सांय शिमला में बिग एफएम द्वारा आयोजित ‘बिग इम्पैक्ट अवॉर्ड्स-2026’ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मीडिया केवल समाचार और मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने, जागरूक करने तथा सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला एक सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।
कविन्द्र गुप्ता ने बिग एफएम को इस आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज सेवा, नवाचार और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को पहचान देने का मंच है। उन्होंने कहा कि समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करना समाज को ऐसे पुनीत कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर है तथा इस यात्रा में मीडिया, उद्योग, शिक्षण संस्थान, सामाजिक संगठन और युवाओं की भूमिका महत्त्वपूर्ण है।
उन्होंने रेडियो के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्रधानमंत्री ने रेडियो को पुनः जन सम्पर्क का प्रभावी माध्यम स्थापित किया है। इससे देशभर के लोगों की जनभागीदारी भी सुनिश्चित हुई है।
कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि मीडिया जनजागरूकता बढ़ाने, सकारात्मक सोच विकसित करने और सामाजिक अभियानों को जनआंदोलन में बदलने की क्षमता रखता है। विशेष रूप से रेडियो समाज के प्रत्येक वर्ग तक सहजता से पहुंचता है।
राज्यपाल ने कहा कि बिग एफएम आज देश के प्रभावशाली रेडियो नेटवर्कों में से एक बन चुका है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, साइबर सुरक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े अभियानों के आयोजन के लिए बिग एफएम की सराहना की तथा शिमला में ‘बिग इम्पैक्ट अवॉर्ड्स’ के तीसरे संस्करण के सफल आयोजन की बधाई दी।
उन्होंने वैश्विक तेल संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए ऊर्जा संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मीडिया से आह्वान किया कि वह सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग, कार-पूलिंग, अनावश्यक वाहन उपयोग से बचाव तथा ऊर्जा दक्ष जीवनशैली अपनाने जैसे उपायों के प्रति लोगों को जागरूक करें।









