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ब्रिखमणी पंचायत के जीवन कौशल ने लिखी सफलता की नई कहानी

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-सेवानिवृत्ति के बाद शुरू की बागवानी, शिवा परियोजना के तहत पहली प्लम खेप भुंतर मंडी पहुँची

हिमाचल समय न्यूज़,

11मई/सुंदरनगर

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हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी एचपी शिवा परियोजना अब बागवानों के लिए उम्मीद और सफलता की नई मिसाल बनती जा रही है। विकासखंड सुंदरनगर की ब्रिखमणी पंचायत के निवासी श्री जीवन कौशल S/o Lt. Sh. B. R. Kaushal ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ नई शुरुआत किसी भी उम्र में की जा सकती है।

श्री जीवन कौशल वर्ष 2020 में हिमाचल प्रदेश फायर सर्विसेज विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने आधुनिक बागवानी की दिशा में कदम बढ़ाने का निर्णय लिया। इसी सोच के साथ वर्ष 2022 में एचपी शिवा परियोजना के अंतर्गत उन्होंने अपने खेत में लगभग 300 प्लम पौधे लगाए।

लगातार मेहनत, उचित देखरेख और परिवार के सहयोग से अब उनके बागीचे से पहली बार उच्च गुणवत्ता वाली रेड ब्यूट प्लम की फसल तैयार हुई है। इस पहली खेप को शुक्रवार को भुंतर सब्जी मंडी भेजा गया, जहाँ प्रसिद्ध राम फ्रूट कंपनी ने इसे लगभग 200 रुपये प्रति किलो की दर से बल्क में खरीदा। फलों की गुणवत्ता और आकर्षक रंगत ने खरीदारों को काफी प्रभावित किया।

श्री जीवन कौशल ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा—

“सेवानिवृत्ति के बाद मैंने सोचा कि कुछ ऐसा किया जाए जो आने वाले समय में परिवार के लिए भी लाभकारी हो और दूसरों के लिए प्रेरणा बने। यह सब भगवान के आशीर्वाद, शिवा परियोजना की टीम के सहयोग, परिवार के समर्थन और हमारी मेहनत का परिणाम है। 2022 में लगाए गए पौधों से पहली फसल का इतना अच्छा मूल्य मिलना हमारे लिए बेहद गर्व और खुशी की बात है। आने वाले वर्षों में हम और अधिक मेहनत करेंगे ताकि इस फल को पूरे क्षेत्र की पहचान और ब्रांड के रूप में स्थापित किया जा सके। भविष्य में सभी आवश्यक प्रक्रियाएँ पूरी होने के बाद इस उत्पाद के लिए जीआई टैग प्राप्त करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।”

उन्होंने विशेष रूप से अपनी पत्नी श्रीमती नीलम कौशल और माता श्रीमती कांता कौशल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निरंतर सहयोग, दिन-रात की मेहनत और परिवार के सामूहिक प्रयासों के बिना यह सफलता संभव नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक शुरुआत है और आने वाले समय में और बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।

उन्होंने बताया कि परियोजना के माध्यम से मिले तकनीकी मार्गदर्शन, पौधों की गुणवत्ता और समय-समय पर दी गई जानकारी ने उन्हें आधुनिक बागवानी को सही तरीके से समझने और अपनाने में बहुत मदद की।

क्षेत्र के लोगों का मानना है कि जीवन कौशल की यह सफलता आने वाले समय में अन्य किसानों और युवाओं को भी आधुनिक फल बागवानी की ओर प्रेरित करेगी।

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