-पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री स्व. पंडित सुखराम को दी मंडी में भावभीनी श्रद्धांजलि
हिमाचल समय न्यूज़,
27 अप्रैल/मंडी।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि राज्य सरकार इस समय पूरी तरह से सुप्त अवस्था में है और प्रदेश की कानून व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है। मंडी में एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कानून व्यवस्था के गिरते स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में आए दिन जघन्य अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि अपराधियों के मन में पुलिस और कानून का रत्ती भर भी भय शेष नहीं रह गया है। पिछले कुछ समय में अपराध के ग्राफ ने प्रदेश के इतिहास के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जो कि एक शांत और देवभूमि के रूप में विख्यात हिमाचल के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक विषय है। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को घेरते हुए कहा कि चूंकि गृह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री के पास है, इसलिए यह उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी थी कि वे इन मामलों में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करते और बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए पुलिस अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी करते, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री के लिए प्रदेश की जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था कोई बड़ी प्राथमिकता नहीं रह गई है।
जयराम ठाकुर ने हाल ही में हुई हत्या की घटनाओं का उल्लेख करते हुए जोर दिया कि सरकार को मर्डर जैसी गंभीर घटनाओं से सबक लेना चाहिए था ताकि उनकी पुनरावृत्ति न हो, परंतु विडंबना यह है कि राज्य में एक के बाद एक हत्याएं हो रही हैं और अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल का कोई भी ऐसा जिला नहीं बचा है जहाँ से आपराधिक घटनाएं रिपोर्ट न की जा रही हों और राज्य पुलिस इन परिस्थितियों में त्वरित एवं सख्त कार्रवाई करने में पूरी तरह असमर्थ दिखाई दे रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल की संस्कृति हमेशा से विश्व को शांति और सौहार्द का संदेश देती रही है, लेकिन यदि अपराध का यही ग्राफ बढ़ता रहा तो शांत हिमाचल की गिनती भी उन बड़े राज्यों की श्रेणी में होने लगेगी जहाँ अपराध चरम पर है, जिससे हिमाचल अपराधियों के लिए एक सुरक्षित शरण स्थली बन जाएगा और पर्यटन व निवेश पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि अपराध नियंत्रण हेतु अविलंब उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई जाए और चप्पे-चप्पे पर पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए ताकि असामाजिक तत्व कोई भी गलत काम करने से पहले सौ बार सोचें। इसी क्रम में उन्होंने रोहड़ू क्षेत्र के एक धार्मिक आयोजन में हुई घटना पर गहरा दुख प्रकट करते हुए मृतक महिला के परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए कठोर कदम उठाने होंगे।
इससे पूर्व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री स्व. पंडित सुखराम के देहावसान के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित ‘चवर्ख’ कार्यक्रम में शिरकत की और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जयराम ठाकुर ने स्व. पंडित सुखराम की तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें ‘संचार क्रांति का मसीहा’ बताते हुए कहा कि हिमाचल के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में आज जो संचार सुविधाएं सुलभ हैं, वे पंडित सुखराम के दूरदर्शी विजन और दृढ़ इच्छाशक्ति का ही परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि जिस दौर में पहाड़ों पर नेटवर्क और संचार की कल्पना करना भी असंभव था, उस समय उन्होंने अपनी प्रशासनिक क्षमता से हिमाचल को यह ऐतिहासिक सौगात दी, जिसे प्रदेश की जनता कभी नहीं भुला पाएगी। इस स्मृति कार्यक्रम के दौरान पंडित सुखराम के पुत्र व सदर से विधायक अनिल शर्मा और पौत्र आश्रय शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जहाँ जयराम ठाकुर ने उनके परिवार के साथ समय बिताते हुए पंडित सुखराम के अविस्मरणीय राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद किया।









