भूपेंद्र ठाकुर,
27 अप्रैल/शिमला।
शिमला पुलिस ने नशा तस्करों के विरुद्ध चलाई जा रही व्यापक (कॉम्प्रिहेंसिव) कार्यवाही के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक आरोपी से मिले मनी ट्रेल का पीछा करते हुए बिहार से दो तस्करों को गिरफ्तार किया है।
इस कार्यवाही की शुरुआत थाना बालूगंज में दर्ज मुकदमा संख्या 27/26 (दिनांक 23 फरवरी 2026) से हुई थी, जब आरोपी अविनाश चौहान पुत्र स्वर्गीय माठू राम चौहान, निवासी चौपाल के कब्जे से 6.7 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था।
पुलिस ने सप्लाई चेन और बैकवर्ड लिंकेज का पता लगाने के लिए आरोपी से गहन पूछताछ की, डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया और बैंक खातों को खंगाला। जांच में पता चला कि अविनाश चौहान शिमला से बिहार निवासी विशाल और उसके साथियों द्वारा संचालित कई बैंक खातों में पैसे भेजता था।
इसी मनी ट्रेल पर चलते हुए बालूगंज पुलिस टीम ने दिनांक 24 अप्रैल 2026 को बिहार के भोजपुर जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया:
- विशाल यादव (पुत्र हरी राम यादव, उम्र 20 वर्ष), गांव हरदुआ, डाकघर भौकुरा, जिला भोजपुर, बिहार
- जय प्रकाश (पुत्र हरी राम यादव, उम्र 27 वर्ष), गांव हरदुआ, डाकघर भौकुरा, जिला भोजपुर, बिहार
दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया है। जांच में आरोपी विशाल के बैंक खातों के विश्लेषण से चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है – मात्र 5 महीने की अवधि में करीब 40 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है, और विभिन्न खातों से लगभग रोजाना नकद निकासी की जाती थी।
पुलिस इस नशा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है। शिमला पुलिस ने इस वर्ष अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 111 एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें 235 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सप्लाई चेन को ध्वस्त करने के लिए बैकवर्ड लिंकेज में 30 आरोपियों को विभिन्न राज्यों – पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, केरल तथा भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया है। इसके अतिरिक्त, PITNDPS के तहत 35 आदतन अपराधियों को जेल भेजा गया है।
शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों के विरुद्ध यह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।









