Home राजनीतिक बादल फटने की घटना के बाद पंडोह डैम में एकत्रित वन लकड़ियों...

बादल फटने की घटना के बाद पंडोह डैम में एकत्रित वन लकड़ियों की जांच करेगी CID

111
0
Pandoh Dam

हिमाचल समय, शिमला, 07 जुलाई।

हाल ही में बादल फटने की घटना के बाद पंडोह डैम में जमा हुई लकड़ी से संबंधित मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह मामला आपराधिक जांच विभाग

Jeevan Ayurveda Clinic
dcp ad

CM ने बादल फटने की बढ़ती घटनाओं का अध्ययन करने की आवश्यकता पर बल दिया

(सीआईडी) को सौंप दिया है। पिछले सप्ताह बादल फटने की घटना और आस-पास के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ियों से भारी मात्रा में लकड़ियां बहकर पंडोह डैम में एकत्रित हो गई

थी। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में लकड़ियां इकठ्ठा होने के संभावित कारणों को सामने लाया जाएगा। इस दिशा में सरकार ने अब इस मामले की सीआईडी जांच का

फैसला लिया है ताकि सभी जिम्मेदार लोगों को न्याय के दायरे में लाया जा सके। उन्होंने बताया कि बादल फटने और बाढ़ की घटनाओं के दृष्टिगत प्रदेश सरकार की पहली प्रतिक्रिया अमूल्य जीवन

बचाना और प्रभावितों को तत्काल बचाव और राहत उपलब्ध करवाना होता है। सरकार द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति वापस लाने के लिए प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि नदी में बह रही लकड़ियां और पंडोह बांध में तैरती हुई लकड़ियों का वीडियो और तस्वीरें ऑनलाइन वायरल हुई हैं। इस विषय में लोगों की चिंता को देखते हुए निरंतर जांच की मांग की

जा रही थी। इसके दृष्टिगत सीआईडी जांच का निर्णय लिया गया है। आपदा पीड़ित लोगों की सहायता में पूरा सरकारी तंत्र दिन-रात कार्य कर रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि संवेदनशील स्थिति में भी भाजपा

ने असंवेदनशीलता का परिचय देते हुए इस मामले को उठाया। संकट के समय बीजेपी नेता गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं, जो उनके दोहरे चेहरे को लोगों के सामने रख रहा है। पिछली भाजपा

सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान पेड़ों की अवैध कटाई के मुददे की कभी निष्पक्ष जांच नहीं करवाई और इस दौरान वनों के अवैध कटान के मामले में दोषियों की जवाबदेही को तय नहीं किया

डा. राजन सिंह ने संभाला मंडी जोन के आयुष उपनिदेशक का कार्यभार

गया। उनके कार्यकाल के दौरान प्रदेश में वन माफिया फल-फूल रहा था। प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान प्रदेश सरकार हिमाचल को 31 मार्च, 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य के रूप में स्थापित करने

के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है और इस लक्ष्य को हासिल करने में बाधा डालने वाले लोगों को कानून के दायरे में लाकर सजा दी जाएगी।
ताज़ा खबरों के लिए जोड़े www.himachalsamay.com

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here