-नेटवर्क की बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकिज से जुड़े सभी सिरे ध्वस्त, अमृतसर के मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी भी हो चुकी
भूपेंद्र ठाकुर,
17 अप्रैल/शिमला
थाना जुब्बल, जिला शिमला में मादक पदार्थ (चिट्टा/हेरोइन) तस्करी के एक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जांच के दौरान बैकवर्ड लिंकिज स्थापित करते हुए पुलिस ने एक निजी बैंक अधिकारी को गिरफ्तार किया है, जो सक्रिय रूप से अवैध कारोबार में शामिल था।
आरोपी की पहचान तरुण ठाकुर (33 वर्ष) पुत्र नरेंद्र ठाकुर, निवासी गांव चोगटाली, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर के रूप में हुई है। वह वर्तमान में एसबीआई रोहड़ू में लोन मैनेजर/फील्ड ऑफिसर के पद पर कार्यरत था। पुलिस ने उसे 16 अप्रैल 2026 को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 29 के तहत गिरफ्तार किया।
जांच में खुलासा हुआ कि तरुण का सीधा संपर्क मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी, निवासी अमृतसर से था। दोनों के बीच ऑनलाइन माध्यम से वित्तीय लेनदेन भी सामने आया, जिससे अवैध नेटवर्क की पुष्टि हुई।
पहले ही हो चुकी थी इनकी गिरफ्तारी
· 9 फरवरी 2026 – एक स्थानीय महिला को 13.46 ग्राम चिट्टा सहित गिरफ्तार किया गया।
· 17 मार्च 2026 – बैकवर्ड लिंकिज के आधार पर मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी गिरफ्तार।
· 6 अप्रैल 2026 – फॉरवर्ड लिंकिज के तहत तीन अन्य आरोपी – आशीष उर्फ गांधी, मनोज ठाकुर उर्फ सनी एवं खुशी राम उर्फ कुश – गिरफ्तार।
अब तक इस चिट्टा तस्करी नेटवर्क में कुल छह आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं।
संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार, जांच में एक संगठित तंत्र सामने आया है – जिसमें अंतरराज्यीय सप्लायर, स्थानीय वितरण तंत्र और वित्तीय लेन-देन की स्पष्ट कड़ियाँ मौजूद हैं। इस कार्रवाई से मादक पदार्थ तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
आरोपी तरुण ठाकुर को आज (17 अप्रैल) माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है।









