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गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल, कुनिहार में हिमाचल दिवस, बैसाखी एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती का उत्साहपूर्ण आयोजन

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निजी संवाददाता,

13अप्रैल/कुनिहार।

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गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल, कुनिहार में हिमाचल दिवस, बैसाखी एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती बड़े ही उत्साह, उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाए गए। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में अपनी संस्कृति, परंपराओं, संविधानिक मूल्यों एवं क्षेत्रीय विरासत के प्रति जागरूकता एवं गर्व की भावना विकसित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन, उनके विचारों और भारतीय संविधान के निर्माण में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डालते हुए की गई। विद्यार्थियों को समानता, न्याय और शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
इसके पश्चात हिमाचल दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला गया, जिसमें राज्य के गठन और इसकी विशेषताओं के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने पारंपरिक नाटी नृत्य और हिमाचली समूह गीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
क्षेत्रीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विद्यार्थियों ने हिमाचल दिवस एवं बैसाखी के महत्व को पहाड़ी और पंजाबी भाषा में प्रस्तुत किया, जिससे सभी को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने की प्रेरणा मिली। बैसाखी के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों द्वारा उत्साहपूर्ण भांगड़ा और गिद्धा नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने पूरे वातावरण को आनंद और ऊर्जा से भर दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “विरसा पिंड” रहा, जिसमें पंजाब के पारंपरिक गांव का सुंदर चित्रण किया गया। इस गांव को पुनः उपयोग (reused) सामग्री से तैयार किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। प्री-प्राइमरी के नन्हे-मुन्ने बच्चे पंजाबी वेशभूषा में सजे-धजे बेहद आकर्षक लग रहे थे और उन्होंने सभी का दिल जीत लिया।
विद्यालय में कक्षा-वार विभिन्न गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जैसे हिमाचल प्रदेश के जिलों का मानचित्र प्रस्तुतीकरण, पर्यटन विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आदि, जिनमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
प्रधानाचार्या अलका भारद्वाज ने अपने संदेश में विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं।
निदेशक समीर गर्ग एवं अदिति गर्ग ने सभी को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम का समापन हर्षोल्लास के साथ हुआ और सभी विद्यार्थियों ने इस आयोजन से नई सीख और प्रेरणा प्राप्त की।

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