संवाददाता/नई दिल्ली।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के बीच सरकार ने आम जनता को राहत देते हुए शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में भारी कटौती करने का फैसला किया। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर केवल 3 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर यह शुल्क 10 रुपए प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया पर इस कदम की जानकारी देते हुए कहा कि यह कटौती आम नागरिकों को बढ़ती कीमतों से बचाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में संसद को भी अवगत करा दिया गया है।
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दामों में हुई वृद्धि से तेल विपणन कंपनियों पर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने का दबाव बना हुआ था। सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में कटौती किए जाने से इन कंपनियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
यह कटौती सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों द्वारा नेपाल, भूटान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों को किए जाने वाले निर्यात पर भी लागू होगी।
वहीं, सरकार ने डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपए प्रति लीटर और विमान ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर 29.5 रुपए प्रति लीटर का शुल्क भी लगाया है। हालांकि, विशेष उत्पाद शुल्क में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। पेट्रोल पर विशेष उत्पाद शुल्क शून्य बना हुआ है, जबकि डीजल पर यह 18.5 रुपए प्रति लीटर पर यथावत है।









