
भूपेंद्र ठाकुर/शिमला।
हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की जमकर प्रशंसा की है। मंत्रियों ने इसे दूरदर्शी, सशक्त और ऐतिहासिक बजट बताते हुए कहा कि यह हिमाचल प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला साबित होगा।
दोनों मंत्रियों ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान समाप्त करने और उसमें भारी कटौती से राज्य को लगभग 10,000 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ है, लेकिन मुख्यमंत्री ने दूरदर्शिता, सूझबूझ और दृढ़ संकल्प के साथ इन विपरीत परिस्थितियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए एक संतुलित और प्रगतिशील बजट पेश किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास, आर्थिक मजबूती और जनहितकारी नीतियों के माध्यम से हिमाचल को नई दिशा और पहचान प्रदान करेगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रावधान
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधारभूत ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि विभिन्न श्रेणियों में चिकित्सा अधिकारियों और स्टाफ नर्स सहित हजारों पदों को भरना अत्यंत सराहनीय निर्णय है।
उन्होंने कहा कि सीनियर रेजिडेंट स्पेशलिस्ट के लिए स्टाइपेंड बढ़ाकर 1 लाख रुपये तथा सीनियर रेजिडेंट सुपर-स्पेशलिस्ट के लिए 1.30 लाख रुपये किए जाने से राज्य में उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं को बनाए रखने में मदद मिलेगी। डॉ. शांडिल ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने और मेडिकल कॉलेजों को सुदृढ़ बनाने के निर्णय की भी सराहना की। साथ ही, कुपोषण, एनीमिया और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को समाप्त करने के लिए स्टेट न्यूट्रीशन पॉलिसी को पोषण अभियान के अनुरूप लाने के फैसले को उन्होंने अहम बताया।
राजस्व विभाग में डिजिटल परिवर्तन और ग्रामीण कर्मचारियों को राहत
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बजट में राजस्व विभाग को दिए गए विशेष महत्व की सराहना करते हुए कहा कि पूर्ण डिजिटल परिवर्तन की दिशा में उठाया गया कदम सराहनीय है। तकनीक के माध्यम से भूमि अभिलेखों और म्यूटेशन प्रक्रियाओं को सरल बनाने से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
मंत्री ने राजस्व चौकीदारों के मानदेय को बढ़ाकर 6,800 रुपये किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि करीब 10,000 करोड़ रुपये के केंद्रीय अनुदान में कटौती के बावजूद राज्य सरकार कर्मचारियों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने इसे पारदर्शी और जन-केंद्रित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
युवाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर
मंत्रियों ने युवाओं के सशक्तिकरण और रोजगार सृजन पर मुख्यमंत्री के विशेष जोर की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बजट पुलिस, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भर्तियों का मार्ग प्रशस्त करता है। साथ ही, राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित रोजगार योजनाओं में 4 लाख मानव-दिवस सृजित कर युवाओं को एक महत्वपूर्ण सहारा प्रदान किया जा रहा है।

मंत्रियों ने कहा कि जहां केंद्र सरकार ने आवश्यक अनुदानों में कटौती कर आर्थिक बाधाएं उत्पन्न की हैं, वहीं मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत सादगी और वेतन स्थगन के माध्यम से एक आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट ‘आत्मनिर्भर हिमाचल’ के निर्माण का मार्गदर्शक सिद्ध होगा और बाहरी वित्तीय दबावों के बावजूद राज्य की प्रगति निरंतर जारी रहेगी।





