
हिमाचल समय, शिमला, 15 जनवरी ।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आज एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) की 70 मेगावाट धुबरी सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन असम के विद्युत मंत्री प्रशांत फुकन, एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, भूपेंद्र गुप्ता, एपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक, डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी, आईएएस, एसीएस(ऊर्जा)और एपीडीसीएल के अध्यक्ष,
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राकेश कुमार, भा.प्रशा.सेवा, एसजेवीएन के निदेशक(कार्मिक), अजय कुमार शर्मा और असम सरकार एवं एसजेवीएन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया। nइस अवसर पर, भूपेंद्र गुप्ता ने प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
उन्होंने केंद्रीय विद्युत मंत्री, मनोहर लाल और केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, प्रल्हाद जोशी, भारत सरकार और असम सरकार का परियोजना को निष्पादित करने में उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए तथा राज्य में निष्पादनाधीन और आगामी अन्य परियोजनाओं के लिए भी आभार व्यक्त किया।
उन्होंने आगे कहा कि इस परियोजना का निर्माण पूर्ण होने से क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विस्तार करने और ऊर्जा सुरक्षा एवं स्थायित्व के राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता सिद्ध होती है।
अजय कुमार शर्मा ने कहा कि धुबरी सौर ऊर्जा परियोजना, विकास एवं प्रचालन दोनों चरणों में स्थानीय समुदायों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोज़गार उत्पन्न करने के साथ-साथ, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा की आपूर्ति करके असम के नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो को सुदृढ़ करेगा।
एसजीईएल द्वारा 70 मेगावाट धुबरी सौर ऊर्जा परियोजना को असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एपीडीसीएल) द्वारा उपलब्ध कराई गई 330 एकड़ भूमि पर 28 वर्ष की लीज़ के आधार पर गाँव खुदीगाँव पीटी-II, बिलासीपारा रेवेन्यू सर्कल, ज़िला धुबरी, असम में विकसित किया गया है।
यह परियोजना एपीडीसीएल ने दिनांक 16 फरवरी 2023 को टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से एसजीईएल को रुपए 3.92 प्रति यूनिट के टैरिफ पर अवार्ड की गई थी। परियोजना की ईपीसी लागत रुपए 367.44 करोड़ है।
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यह परियोजना 25 वर्षों में लगभग 3,230 मि.यू. अनुमानित संचित विद्युत उत्पादन के साथ प्रथम वर्ष में 23% के क्षमता उपयोग फैक्टर (सीयूएफ) पर 141.13 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन के लिए डिज़ाइन की गई है। इस परियोजना से लगभग 1,58,270 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की संभावना है।
यह परियोजना असम राज्य की प्रथम बड़े पैमाने की सौर परियोजना है और साथ ही एसजेवीएन की उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में प्रथम प्रचालनरत परियोजना भी है। माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी ने रूप से दिनांक 04 मार्च 2024 को इस परियोजना की वर्चुअली आधारशिला रखी थी।







