Home डेली न्यूज़ गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सोलन के  विद्यार्थियों ने मनाया आज़ादी का जश्न

गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सोलन के  विद्यार्थियों ने मनाया आज़ादी का जश्न

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#IndependenceDayCelebration
दिनांक  14 अगस्त तथा 15 अगस्त को गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में स्वतंत्रता दिवस  तथा जन्माष्टमी त्योहार बड़े उत्साह और देशभक्ति की गूंज के साथ मनाया गया।

हिमाचल समय, सोलन, 15 अगस्त।

दिनांक  14 अगस्त तथा 15 अगस्त को गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में स्वतंत्रता दिवस  तथा जन्माष्टमी त्योहार बड़े उत्साह और देशभक्ति की गूंज के साथ मनाया गया।

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प्री -नर्सरी से कक्षा ग्याहरवीं तक के बच्चों ने स्किट, रोल-प्ले, डांस, ड्रामा और नुक्कड़ नाटक जैसी रंगारंग प्रस्तुतियाँ देकर सभी का दिल जीत लिया।

नन्हे विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता सेनानियों की वेशभूषा में मंच पर उतारकर आज़ादी के अमर किस्सों को जीवंत कर दिया और पूरे परिसर में “वंदे मातरम्” की ध्वनि गूंज उठी।

कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित रहा और हर प्रस्तुति ने देशप्रेम, त्याग और जिम्मेदारी का संदेश दिया। बच्चों की आत्मविश्वास भरी प्रस्तुति, स्पष्ट संवाद, और तालमेल भरे नृत्य-नाट्य ने दर्शकों से भरपूर सराहना बटोरी।

इसी क्रम में विद्यालय में जन्माष्टमी भी उल्लासपूर्वक मनाई गई। नन्हे-कन्हैया और राधा की वेशभूषा में सजे बच्चों ने रास-लीला, भजन-संगीत, कृष्ण-सुदामा संवाद,

और ‘मटकी-फोड़’ (दही-हांडी) का प्रतीकात्मक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। जिनसे बच्चों में भारतीय संस्कृति, सहयोग और आनंद के मूल्य दृढ़ हुए।

विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. लखविंदर कौर अरोड़ा ने सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि, “हमारे नन्हें-मुन्ने आज़ादी के सच्चे मायने समझते हैं और उसे अभिव्यक्त भी करते हैं।

यह बच्चों के समर्पण, अभिभावकों के सहयोग और हमारे शिक्षकों की लगन का परिणाम है। गुरुकुल परिवार ऐसी ही सार्थक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का विकास करता रहेगा।”

उन्होंने विशेष रूप से उन विद्यार्थियों की हौसला अफ़ज़ाई की जिन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों की भूमिकाएँ निभाईं, साथ ही समूची आयोजन टीम—कार्यक्रम समन्वयक, कला-संगीत और कक्षा अध्यापकों—को उत्कृष्ट आयोजन के लिए बधाई दी।

जन्माष्टमी उत्सव की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राधा-कृष्ण की वेशभूषा में सजे बच्चों की मनमोहक झांकियाँ, भजन-कीर्तन और दही-हांडी जैसे कार्यक्रमों ने पूरे विद्यालय को भक्ति और उल्लास से भर दिया।

उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साह, शिक्षकों की रचनात्मकता और अभिभावकों के सहयोग को अद्वितीय बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक मूल्यों को संजोते हैं बल्कि बच्चों को प्रेम, सहयोग और त्याग की सीख भी देते हैं।

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समारोह के अंत में राष्ट्रगान के साथ तिरंगे को नमन किया गया और विद्यार्थियों को देशहित में सजग नागरिक बनने का संकल्प दिलाया गया।

विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी इसी उत्साह के साथ मूल्य-आधारित सह-पाठ्यचर्या गतिविधियाँ जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

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