– साइबर अपराध की रोकथाम के लिए केन्द्र सरकार द्वारा प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता
हिमाचल समय न्यूज़,
31 अक्टूबर / हमीरपुर।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आज पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन सर्वेश शर्मा का कुशलक्षेम जाना। उन्होंने सर्वेश शर्मा के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज हमीरपुर (बडू) में कम्प्यूटर इंजीनियरिंग के छात्र सर्वेश शर्मा होस्टल में गिरने के कारण घायल हो गए थे।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि सर्वेश शर्मा गंभीर साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा कि सर्वेश शर्मा से जुड़े मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मामला चिंताजनक है, क्योंकि साइबर अपराध के माध्यम से अब तक मुख्य रूप से आर्थिक धोखाधड़ी और लोगों की धनराशि की ठगी के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन किसी विद्यार्थी के प्रोजेक्ट से जुड़े मामले में धोखाधड़ी का सामने आना एक गंभीर विषय है।

राजेश धर्माणी ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों की जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को साइबर अपराध के इस बदलते स्वरूप को गंभीरता से लेते हुए ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्रालय और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को इस दिशा में ठोस रणनीति तैयार करनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की शैक्षणिक परियोजनाओं, तकनीकी कार्यों और बौद्धिक प्रयासों को साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षित रखा जा सके।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराधों की प्रवृति लगातार बदल रही है। ऐसे में आवश्यक है कि केंद्र सरकार इस तरह के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था विकसित करे तथा साइबर सुरक्षा से जुड़े कानूनों और जांच तंत्र को और मजबूत बनाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य विद्यार्थी को इस प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।






