भावना ठाकुर,
31 अक्टूबर / सोलन।
शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में एलआर इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, सोलन में अक्टूबर 2026 के दौरान विशेष अभियान 6.0 का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संस्थान में स्वच्छता की संस्कृति को सुदृढ़ करना तथा विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वच्छता शपथ के साथ हुआ, जिसमें सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने स्वच्छ परिसर एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण हेतु सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

अभियान के अंतर्गत पर्यावरणीय गतिविधियों को संस्थागत रूप देने के लिए इको क्लब का गठन किया गया । क्लब के तत्वावधान में असिस्टेंट प्रोफेसर पल्लवी को समन्वयक बनाया गया और उनके मार्गदर्शन मे भावी शिक्षकों द्वारा एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को वृक्षों के महत्व, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
गतिविधियों को ज्ञानवर्धक और सहभागितापूर्ण बनाने हेतु 3R’s थीम पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, पर्यावरण संरक्षण एवम् सतत विकास थीम पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें 9 टीमों ने भाग लिया।जिसमें टीम 7(अनिरूद्ध, पलक व सुहानी) प्रथम स्थान पर तथा द्वितीय स्थान पर टीम 2(गाथिका, अनुभूति व राजेश्वरी) रहे। ई-वेस्ट प्रबंधन पर जागरूकता हेतु विद्यार्थीयों ने बेकार पड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे कीबोर्ड, माउस, तारों, सी डी का रचनात्मक उपयोग करते हुए विभिन्न सजावटी वस्तुओं का निर्माण किया। जिनमें दीवार घड़ी, पेन स्टैंड, फ्रेम व टॉर्च का कार्य शील मॉडल बनाया गया। इसी क्रम में डॉ. बृजेश सिंह चौहान( प्रोफेसर एवं वैज्ञानिक, एसएनजीएनसी, इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय आईजीएमसी, शिमला),और श्री भूपेश (संवाद कौशल प्रशिक्षक) द्वारा अतिथि व्याख्यान दिए उन्होंने दैनिक जीवन में स्वच्छ आदतों, इलेक्ट्रॉनिक कचरे के वैज्ञानिक निपटान और पर्यावरण संरक्षण में व्यक्तिगत भूमिका तथा समाज के साथ प्रभावी संचार करने की तकनीकों पर प्रकाश डाला।
संस्थान की प्राचार्या डॉ. निशा शर्मा ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के सक्रिय सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा सामूहिक दायित्व है। उन्होंने भावी शिक्षकों का आह्वान किया कि वे स्वयं जागरूक बनकर इन मूल्यों को अपने विद्यार्थियों और समाज में भी प्रसारित करें।
इस प्रकार विशेष अभियान 6.0 ने भावी शिक्षकों में पर्यावरणीय चेतना, सामाजिक उत्तरदायित्व और सतत विकास के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और संस्थान ने स्वच्छ, हरित व स्वस्थ समाज के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।






