– विद्यालयों में प्रदर्शित हो चाईल्ड हेल्पलाइन टोल फ्री नम्बर – शरद कुमार लगवाल
– सोलन ज़िला के 30 विद्यालयों में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जागरूक किए गए छात्र
भावना ठाकुर,
31 अक्टूबर / सोलन।
बच्चों के साथ होने वाले शोषण और ऑनलाइन अपराधों से बचाव के लिए उन्हें अपने अधिकारों और कानूनी प्रावधानों के विषय में जागरूक किया जाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य के दृष्टिगत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन द्वारा आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, सोलन में विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोलन के अध्यक्ष तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश सोलन शरद कुमार लगवाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के देशव्यापी स्कूल जागरूकता अभियान ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत बच्चों को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया। यह अभियान बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो अधिनियम), 2012 के प्रावधानों के प्रति जागरूकता करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, कानूनी सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी प्रदान की गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ने कहा कि विद्यालयों में चाईल्ड हेल्पलाईन टोल फ्री नम्बर- 1098 महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रदर्शित होना चाहिए ताकि छात्रों को यह नम्बर आवश्यकता पड़ने पर याद रहे।
उन्होंने विद्यार्थियों को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 और पॉक्सो अधिनियम 2012 सहित बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में चुप रहने के बजाय उचित सहायता लेनी चाहिए। जागरूकता और समय पर सहायता से ही बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ऑनलाईन माध्यम से अपनी निजी जानकारी साझा करना नुक्सानदायक हो सकता है और बच्चों को इस दिशा में सतर्क रहना चाहिए।
प्राधिकरण के अध्यक्ष ने इस अवसर पर साइबर क्राइम, विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के सुरक्षित प्रयोग और इंटरनेट पर निजी जानकारी साझा करने से जुड़े खतरों के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत करवाया। उन्होंने विद्यार्थियों को सतर्क रहने और किसी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी मिलने अथवा पता चलने पर उचित सहायता लेने की सलाह दी।
उन्होंने इस अवसर पर विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम, 2012 के विभिन्न प्रावधानों, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा अनुचित व्यवहार की पहचान करने के बारे में जानकारी दी। बच्चों को यह भी समझाया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण अथवा दुर्व्यवहार की स्थिति में बिना किसी भय या झिझक के अपनी बात सामने रखें तथा इसकी सूचना अपने माता-पिता अथवा संबंधित अधिकारियों को दें। उन्होंने बच्चों के लिए सुरक्षित एवं सहयोगात्मक वातावरण उपलब्ध करवाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
ज़िला एवं सत्र न्यायधीश ने इस अवसर पर पारस्परिक संवाद के माध्यम से छात्रों को विधिक जानकारी भी प्रदान की।
अभियान के अन्तर्गत ज़िला मुख्यालय व उप मंडल स्तर पर 26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक नालसा द्वारा कार्यान्वित किए गए सुरक्षित बचपन अभियान तथा हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, शिमला के निर्देशानुसार लगभग 30 सरकारी व निजी विद्यालय के विद्यार्थियों को जागरूक किया गया
विद्यालय के प्रधानाचार्य रोहित वर्मा ने सभी का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रशांत सिंह नेगी, विद्यालय के अध्यापक एवं छात्र इस अवसर पर उपस्थित थे।
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