भावना ठाकुर,
14 अगस्त / सोलन।
एल.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स, सोलन एवं एल.एल.आर. एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा LiFE – पर्यावरण के लिए जीवनशैली पहल के अंतर्गत “पर्यावरण कॉन्क्लेव एवं हिमाचल क्लाइमेट एक्शन अवार्ड 2026” का आयोजन किया गया। राज्य स्तरीय इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जलवायु कार्यवाही, सतत विकास, हरित नवाचार एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. हरमिंदर सिंह बावेजा, माननीय कुलपति, डॉ. वाई.एस. परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन तथा विशिष्ट अतिथि योगेश ऐंडले, बोर्ड सदस्य, स्कूल ऑफ इंस्पायर्ड लीडरशिप रहे।

डॉ. हरमिंदर सिंह बावेजा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन आज की महत्वपूर्ण समस्याओं में से एक है और इस विषय पर युवाओं से संवाद करना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, सकारात्मक सोच रखने और एक अच्छा इंसान बनने के लिए प्रेरित किया। जीवन में जो लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं, उसे चुनकर उस पर पूरी एकाग्रता और मेहनत से कार्य करें, सफलता अवश्य मिलेगी। विद्यार्थियों को डॉ. वाई.एस. परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी आने के लिए भी आमंत्रित किया।
वहीं विशिष्ट अतिथि योगेश ऐंडले ने विद्यार्थियों को लीडरशिप स्किल्स विकसित करने, नई सोच अपनाने तथा नए विचारों एवं समाधानों पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान के महत्वपूर्ण “चेंज मेकर” भी हैं। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण सहित सामाजिक मुद्दों पर पहल करने और अपने आसपास सकारात्मक बदलाव लाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के सम्मानित निर्णायक मंडल में डॉ. प्रेम लाल गौतम, (कृषि वैज्ञानिक | बीज संरक्षण के अग्रदूत | पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित ), डॉ. रितेश आर्य, (प्रसिद्ध जलभूविज्ञानी | भू-विरासत संरक्षण के प्रबल समर्थक | टेथिस फॉसिल म्यूज़ियम के संस्थापक),तथा श्री रुमित वालिया, ( प्रबंधक – युवा मामले, अर्थ डे नेटवर्क )शामिल रहे।
कार्यक्रम में इस अवसर पर डॉ. परविंदर कौर बावेजा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, पर्यावरण विज्ञान विभाग तथा डॉ. के.के. रैना (साइंटिफिक एडवाइज़र डॉ. वाई.एस. परमार यूनिवर्सिटी ऑफ़ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री नौणी सोलन), की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए जलवायु कार्यवाही पर विचार
कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास से जुड़े अपने विचार, शोध एवं नवाचारपूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं तथा जलवायु से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।
विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों एवं विचारों का विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा मूल्यांकन किया गया।
प्रथम स्थान:
श्रुति रघुवंशी, समृद्धि, हरसिमरन कौर एवं अराधना संधु (Alpine Public School)
द्वितीय स्थान: शोदशी शर्मा (Doon Valley Public School, Nalagarh), अर्शिया (DAV Solan)
तृतीय स्थान: प्रिधि ठाकुर ( DAV Solan)
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही कार्यक्रम में सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों को उनके उत्साह एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में शोध पत्र, मौखिक प्रस्तुतियों एवं ई-पोस्टर प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया, जिसमें एल.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स सहित विभिन्न संस्थानों के शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की। मौखिक प्रस्तुति पैनल में चेयरपर्सन के रूप में डॉ. टी.डी. वर्मा, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, फॉरेस्ट्री विभाग तथा ई-पोस्टर प्रस्तुति के लिए चेयरपर्सन डॉ. अमित शर्मा एवं को-चेयरपर्सन डॉ. सुरभि शर्मा, मदरहुड यूनिवर्सिटी, रुड़की, उत्तराखंड ने प्रस्तुतियों का अवलोकन एवं मूल्यांकन किया।
पर्यावरणीय नवाचारों को मिला मंच
कार्यक्रम में पर्यावरण एवं सतत विकास प्रदर्शनी, विशेषज्ञ वार्ता, पैनल चर्चा, शोध पत्र प्रस्तुतियाँ तथा पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों एवं नवाचारों की प्रदर्शनी आयोजित की गई। विभिन्न स्टार्टअप्स, स्थानीय उद्यमियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, प्राकृतिक खेती से जुड़े संगठनों एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों ने अपने कार्य एवं नवाचार प्रदर्शित किए।
प्रदर्शनी में स्थानीय उत्पादों, हस्तनिर्मित वस्तुओं, प्राकृतिक एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों तथा विभिन्न नवाचारों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शकों को उनके योगदान एवं सहभागिता के लिए प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण हिमाचल क्लाइमेट एक्शन अवार्ड 2026 रहा, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु कार्रवाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रयासों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर एल.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स की प्रबंध निदेशक सुश्री शचि सिंह ने कहा:
«“पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन या एक कार्यक्रम की जिम्मेदारी नहीं है। हमारा उद्देश्य युवाओं को केवल पर्यावरण के बारे में जागरूक करना नहीं, बल्कि उन्हें समाधान का हिस्सा बनाना है।”»
उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। जिस तरह हम अपने घर को साफ और सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी लेते हैं, उसी तरह हमें अपने पर्यावरण को भी अपना घर समझकर उसकी देखभाल करनी होगी।”
और उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग से बचना, जलस्रोतों को स्वच्छ रखना, पानी की बर्बादी रोकना और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखना जैसे छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव की नींव रख सकते हैं।

एल.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स विद्यार्थियों एवं युवाओं को पर्यावरणीय पहलों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।
कार्यक्रम में एल.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स से डॉ. पी. पी. शर्मा, डॉ. सुरेश चौहान, डॉ. कंचन बाला जसवाल, डॉ. अवनीत गुप्ता, डॉ. श्वेता संधू, सूरत सिंह गरिमामयी उपस्थिति रही डॉ. सुनील देश्टा , हुसैन जैदी सहित संस्थान के समस्त शिक्षकगण एवं स्टाफ की कार्यक्रम को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने में संस्थान के समस्त विभागाध्यक्षों, शिक्षकगण एवं स्टाफ का विशेष सहयोग एवं योगदान रहा।








