हिमाचल समय न्यूज़,
03 अगस्त / पांवटा साहिब।
राष्ट्रीय राजमार्ग 07 पर बाता नदी पर बना पुराना ऐतिहासिक पुल आज शाम अचानक ढह गया। हालांकि, प्रशासन की समय पर सतर्कता ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। पुल का एक पिलर सुबह ही खिसक गया था, जिसके बाद वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी। गनीमत यह रही कि शाम को पुल का बड़ा हिस्सा गिरा, तब तक कोई वाहन या व्यक्ति उस पर नहीं था।
सुबह करीब 8 बजे पुल के एक पिलर के अपनी जगह से खिसकने की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। तत्काल पुल के दोनों छोरों पर बैरिकेड्स लगाकर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई। शाम के समय पिलर के पास का बड़ा कंक्रीट व स्टील का हिस्सा टूटकर बाता नदी में जा गिरा, जिससे पूरा पुल तकरीबन धराशायी हो गया।

बता दें कि यह पुल 1960 के दशक में बनाया गया था और पिछले कई दशकों तक यह पांवटा साहिब को यमुनानगर, अंबाला, चंडीगढ़ व शिमला से जोड़ने वाला एकमात्र मार्ग था। लेकिन बढ़ते यातायात भार और जीर्ण-शीर्ण हालत को देखते हुए करीब 6 साल पहले ही इसके ठीक बगल में नया पुल तैयार कर लिया गया था। बावजूद इसके, शहर की तरफ आने वाला अधिकांश ट्रैफिक अब तक पुराने पुल से ही गुजरता था, लेकिन अब यह विकल्प हमेशा के लिए समाप्त हो गया है।
प्रशासन ने की यातायात व्यवस्था की समीक्षा
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय एसडीएम द्विज गोयल ने पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) तथा विभागीय अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बचाव प्रबंधों को परखा तथा पुराने पुल के आसपास मजबूत बैरिकेटिंग लगाने के निर्देश दिए, ताकि कोई बेखबर राहगीर वहां न जा सके।
एसडीएम द्विज गोयल ने स्थानीय लोगों एवं बाहर से आने वाले वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा, “पुराना पुल पूरी तरह से खतरनाक हो चुका है और ढह गया है। सभी वाहनों की आवाजाही अब नए पुल पर डायवर्ट कर दी गई है। किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो, इसके लिए समुचित व्यवस्था की गई है। कृपया पुराने पुल की तरफ बिल्कुल न जाएं, केवल नए पुल का ही उपयोग करें।”
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुराने पुल के टूटने से वाहनों के आवागमन पर किसी भी तरह का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि नया पुल पहले से ही पूरी तरह क्रियाशील है। फिलहाल दोनों तरफ के सभी ट्रैफिक को नए पुल पर सुचारू रूप से चलाया जा रहा है।








