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पेपर लीक और व्यवस्थागत भ्रष्टाचार के खिलाफ हिमाचल में उबाल; सोलन में पूर्व IAS और प्रोफेसरों ने शुरू की भूख हड़ताल

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– सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर आंदोलन को हिमाचल के प्रबुद्ध वर्ग का पुरजोर समर्थन; चिल्ड्रन पार्क में फूटा आक्रोश

– सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित: ‘पेपर लीक माफिया’ के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कड़ी सजा की मांग



भावना ठाकुर,

17 जुलाई / सोलन।

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देश की परीक्षा प्रणाली में बार-बार लग रहे ‘पेपर लीक’ के दाग और युवाओं के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ के विरोध में आज हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर में जन-आक्रोश फूट पड़ा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से अनशन पर बैठे पर्यावरणविद व वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए आज सोलन के चिल्ड्रन पार्क में सैकड़ों युवाओं, महिलाओं, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों और बुद्धिजीवियों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल और सांकेतिक धरना दिया।


​यह आयोजन ‘जागरूक युवा संगठन’ और ‘जागरूक नागरिक मंच’ सहित क्षेत्र के कई सामाजिक व जन संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
​भूख हड़ताल पर बैठे मुख्य चेहरे
​इस व्यवस्थागत भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए प्रबुद्ध वर्ग और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से भूख हड़ताल पर बैठे। इनमें शामिल हैं:
​शरभ नेगी (पूर्व IAS)
​मनोज वर्मा (अधिवक्ता)
​विकास ठाकुर
​नीतीश ठाकुर
​अनिल ठाकुर
​किरण किशोर
​विजय भट्टी
​धर्मपाल ठाकुर
​पूर्व नौकरशाहों और शिक्षाविदों ने केंद्र को घेरा
​धरने को संबोधित करते हुए पूर्व भारतीय प्रशासनिक अधिकारी (IAS) शरभ नेगी और गुजरात विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर सीपी भसीन ने देश की मौजूदा परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों होनहार और मेहनती युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेल दिया गया है। बार-बार परीक्षा रद्द होना और पेपर लीक होना अब एक मानसिक महामारी का रूप ले चुका है, जिसे तुरंत रोका जाना अनिवार्य है।
​पारित प्रस्ताव की मुख्य मांगें
​बैठक के दौरान सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें निम्नलिखित मांगें प्रमुखता से उठाई गईं:
​सोनम वांगचुक के अनशन को तुरंत न्याय मिले: केंद्र सरकार बिना किसी देरी के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारियों की जायज मांगों को सुने और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह दोषमुक्त बनाए।
​फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चले मुकदमा: पेपर लीक माफिया, भ्रष्ट अधिकारियों और इस रैकेट में शामिल सभी दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से ऐसी सख्त व दंडात्मक कार्रवाई की जाए जो देश के लिए नजीर बने।


​पारदर्शिता सुनिश्चित हो: राष्ट्रीय स्तर की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता बहाल की जाए।
​20 जुलाई को सोलन में महा-प्रदर्शन का शंखनाद
​बड़ी घोषणा: आज की इस महत्वपूर्ण बैठक में एक बड़ा निर्णय लिया गया है। देशव्यापी प्रदर्शन के समर्थन में आगामी 20 जुलाई 2026 को सुबह 11:00 बजे विभिन्न संगठनों द्वारा सोलन में भी एक विशाल और व्यापक प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। आंदोलनकारियों ने साफ किया है कि यह लड़ाई युवाओं के हक के लिए है और इसे आगे भी उग्र रूप से जारी रखा जाएगा।
​विभिन्न विचारधाराएं एक मंच पर
​इस राष्ट्रव्यापी सरोकार के मुद्दे पर सोलन में राजनीतिक और सामाजिक सीमाओं को लांघकर लोग एकजुट नजर आए। धरने में आम आदमी पार्टी के राज्य अध्यक्ष सुरजीत ठाकुर, नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष कुल राकेश पंत, समाजसेवी संजय शर्मा ‘हिंदवान’, जिला वार एशोसिएशन के महासचिव नितिन ठाकुर, जिला सोलन सीटू के अध्यक्ष राकेश कुमार, ऑटो रिक्शा अध्यक्ष धर्मपाल ठाकुर, टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष दलीप, बीडीसी उपाध्यक्ष गोपाल सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग और पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए।
​प्रदर्शनकारियों ने सर्वसम्मति से संकल्प लिया कि जब तक देश के युवाओं को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।

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