भावना ठाकुर,
17 जुलाई / कुनिहार (सोलन)।
गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल, कुनिहार में सात दिवसीय भारतीय भाषा समर कैंप–डोगरी का आयोजन किया गया। इस समर कैंप का मुख्य उद्देश्य विद्यालय परिसर में भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ विद्यार्थियों को डोगरी भाषा, संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराना था। समर कैंप–डोगरी का शुभारंभ बड़े उत्साह एवं उमंग के साथ हुआ।

विद्यालय की प्रधानाचार्या अलका भारद्वाज ने विद्यार्थियों को डोगरी भाषा के इतिहास, भौगोलिक क्षेत्र तथा जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों को डोगरी वर्णमाला, 1 से 20 तक की गिनती, दैनिक जीवन में प्रयुक्त होने वाले सामान्य शब्द एवं अभिवादन सिखाए गए। साथ ही उन्हें जम्मू, वैष्णो देवी, रघुनाथ मंदिर, बहू किला, पटनीटॉप तथा अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों का वर्चुअल भ्रमण भी कराया गया।
कैंप के दौरान विद्यार्थियों ने डोगरा पारंपरिक वेशभूषा, खान-पान तथा लोक संस्कृति से संबंधित विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने डोगरी लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक कला एवं हस्तशिल्प से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
भारतीय भाषा समर कैंप–डोगरी का समापन रंगारंग डोगरी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तथा डोगरी भाषा पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के साथ हुआ l
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक समीर गर्ग एवं अदिति गर्ग ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सदैव प्रेरित रहने का संदेश दिया।








