Home ट्रेंडिंग शूलिनी विवि में नेचुरल और एप्लाइड साइंसेज में तरक्की पर इंटरनेशनल सिम्पोजियम...

शूलिनी विवि में नेचुरल और एप्लाइड साइंसेज में तरक्की पर इंटरनेशनल सिम्पोजियम का आयोजन

4
0


भावना ठाकुर,

07 जुलाई / सोलन।

Jeevan Ayurveda Clinic


शूलिनी यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज, E-YUVA सेंटर और iHUB शूलिनी ने ‘नेचुरल और एप्लाइड साइंसेज में तरक्की’ पर एक दिन के इंटरनेशनल सिम्पोजियम का आयोजन किया। इसमें वैज्ञानिकों, रिसर्चर्स, एकेडेमिक्स और स्टूडेंट्स को मॉलिक्यूलर मेडिसिन, कैंसर बायोलॉजी, फाइटोकेमिस्ट्री, ड्रग डिस्कवरी और इससे जुड़े रिसर्च क्षेत्रों में हो रहे नए विकास पर चर्चा करने के लिए एक साथ लाया गया।


इस सिम्पोजियम में शूलिनी यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रो. पी. के. खोसला, प्रो-चांसलर प्रो. विशाल आनंद, रजिस्ट्रार डॉ. सुनील पुरी, फैकल्टी मेंबर्स, रिसर्च स्कॉलर्स और स्टूडेंट्स शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए, चांसलर प्रो. पी. के. खोसला ने हेल्थकेयर, फार्मास्युटिकल साइंसेज और सस्टेनेबल डेवलपमेंट में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए इंटरनेशनल साइंटिफिक सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और इनोवेशन-बेस्ड रिसर्च के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइंटिफिक खोजों को ऐसे समाधानों में बदलने के लिए यूनिवर्सिटी और रिसर्च संस्थानों के बीच पार्टनरशिप जरूरी है, जिनसे समाज को फायदा हो।
प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए, फार्मास्युटिकल साइंसेज फैकल्टी के प्रोफेसर और डीन तथा E-YUVA सेंटर के मुख्य समन्वयक डॉ. दीपक कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक बातचीत मिलकर रिसर्च करने और एकेडमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने दवा की खोज में प्राकृतिक उत्पादों के बढ़ते महत्व पर भी प्रकाश डाला और बताया कि औषधीय पौधे कम टॉक्सिसिटी वाले असरदार चिकित्सीय यौगिक प्रदान करते रहते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here