भूपेंद्र ठाकुर,
07 जुलाई / शिमला।
शिमला, 7 जुलाई (न्यूज़बाबा)। शिमला पुलिस की स्पेशल सेल ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन परतों वाले एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पिछले 20 जून को कनलोग स्थित एक होम-स्टे से 16 ग्राम चिट्टा बरामद करने के बाद बैकवर्ड लिंकेज के जरिए पंजाब से दो और आरोपियों को दबोचा और अब इस नेटवर्क के मुख्य संचालक दीपक कुमार उर्फ कर्णी बराड़ को बठिंडा से गिरफ्तार किया है। पूरे मामले में अब तक कुल 178 ग्राम हेरोइन बरामद की जा चुकी है।

पुलिस के अनुसार, 20 जून को स्पेशल सेल ने कनलोग में एक होम-स्टे पर छापा मारा था, जहां से बठिंडा (पंजाब) निवासी गोपाल कुमार के कब्जे से 16 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। इसके बाद पूछताछ में सामने आए सुरागों के आधार पर पुलिस ने 23 जून को मोहाली से गुरुवचन उर्फ गुरु को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 162 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि ये दोनों असल में बठिंडा के रहने वाले दीपक कुमार उर्फ कर्णी बराड़ के लिए काम करते थे, जो पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड था। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की और 5 जुलाई को बठिंडा से उसे धर दबोचा।
ऐसे चलता था चिट्टे का खेल
जांच में सामने आया कि सरगना दीपक ने मोहाली में एक फ्लैट किराए पर ले रखा था, जहां वह बठिंडा से चिट्टा मंगवाकर स्टोर करता था। इसके बाद गुरुवचन उर्फ गुरु छोटी-छोटी मात्रा में चिट्टा गोपाल कुमार को उपलब्ध कराता था। गोपाल फिर शिमला के विभिन्न इलाकों में पहले से तय ठिकानों पर चिट्टा छिपाकर रख देता था। खरीदारों तक खेप पहुंचाने के लिए सबसे चौंकाने वाला तरीका यह था कि उन छिपे हुए ठिकानों की जानकारी सीधे दीपक खुद खरीदारों को भेजता था। इस पूरे सिस्टम में पैसे भी गोपाल और गुरुवचन के जरिए ही दीपक तक पहुंचाए जाते थे।
मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास
सरगना दीपक कुमार उर्फ कर्णी बराड़ कोई नया तस्कर नहीं है। पंजाब पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज हैं। इनमें बठिंडा के थाना कैनाल कॉलोनी में 2023 का एनडीपीएस का मामला (जिसमें 100 ग्राम ड्रग्स बरामद हुई थी), साथ ही थर्मल थाने में 2018 का छेड़छाड़ (धारा 354, 354-डी) का मामला और सिविल लाइंस थाने में 2022 का सरकारी आदेश अवज्ञा (धारा 188) का मामला शामिल है।

फिलहाल पुलिस ने दीपक को अदालत में पेश कर उसका पुलिस रिमांड हासिल कर लिया है। पुलिस अब सप्लाई चेन, वित्तीय लेन-देन और इस गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों के बारे में गहन जांच कर रही है।
जिला शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह नशा तस्करी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकार की संगठित अपराध गतिविधियों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।








