भूपेंद्र ठाकुर,
13 जून / शिमला।
शिमला में बढ़ती पर्यटकों की संख्या को देखते हुए शिमला पुलिस ने यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। मई माह में अकेले शोगी, बिलासपुर और किन्नौर मार्गों से करीब 8.5 लाख वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई, जबकि जून में अब तक 3.8 लाख से अधिक वाहन आ चुके हैं।
पुलिस ने यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए कई रणनीतियाँ अपनाई हैं:
बढ़ाई गई मानव संसाधन की तैनाती
पिछले साल जहां 127 पुलिस एवं होमगार्ड कर्मी थे, वहीं इस साल यह संख्या बढ़ाकर 210 कर दी गई है। समर फेस्टिवल के दौरान तैनात तीन रिजर्व बल (करीब 70 कर्मी) को भी पर्यटन सीजन में शिमला में ही रखा गया है। इसके अलावा, लगभग 50 नागरिक और छात्र स्वयंसेवक ट्रैफिक पुलिस का हाथ बंटा रहे हैं।

ट्रैफिक बाइक राइडर्स और इंटरसेप्टर सक्रिय
32 ट्रैफिक बाइक राइडर्स विभिन्न सेक्टरों में तैनात किए गए हैं, जो किसी भी स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं। वहीं, इंटरसेप्टर वाहनों से यातायात नियमों के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
शहर को पाँच सेक्टरों में बांटा
पूरे शहर को पाँच सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी एक राजपत्रित अधिकारी को दी गई है, ताकि निर्बाध यातायात सुनिश्चित हो सके।
पार्किंग और वैकल्पिक मार्गों पर विशेष जोर
प्रमुख पार्किंग स्थलों पर पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। साथ ही, कुफरी, नारकंडा, ठियोग और किन्नौर जाने वाले वाहनों को शोगी-मेहली बाईपास मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। प्रतिदिन लगभग 800 वाहन इस मार्ग की ओर डायवर्ट किए जा रहे हैं।
जागरूकता और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा
पुलिस सोशल मीडिया पर जागरूकता वीडियो जारी कर रही है। इसके अलावा, ट्रैवलर और अर्बेनिया जैसे सार्वजनिक वाहनों को कार्ट रोड पर चलने की अनुमति दी गई है, ताकि निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो।
क्रेनों की व्यवस्था
कभी-कभी खराब वाहनों के कारण जाम लग जाता है, इसके लिए तीन क्रेनें तैनात की गई हैं, जो तुरंत मौके पर पहुँचकर रास्ता साफ करती हैं।
शिमला पुलिस ने सभी पर्यटकों का स्वागत करते हुए नियमों का पालन करने, निर्धारित पार्किंग का उपयोग करने और वैकल्पिक मार्गों पर चलने की अपील की।







