भावना ठाकुर,
13 जून / सोलन।
सोलन, 13 जून। गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में आज सी.बी.एस.ई. क्षमता निर्माण कार्यक्रम (CBP) के अंतर्गत ‘थ्योरी ऑफ नॉलेज’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ तथा संसाधन व्यक्तियों का हरित पौधे भेंट कर स्वागत किया गया।
कार्यशाला का संचालन प्रतिष्ठित शिक्षाविद् एवं सी.बी.एस.ई. रिसोर्स पर्सन सुश्री रंजना भारद्वाज तथा श्रीमती इशु रानी द्वारा किया गया। श्रीमती रंजना भारद्वाज, मॉडर्नवेज पब्लिक स्कूल, चंडीगढ़ की एसोसिएट प्रिंसिपल हैं तथा पाठ्यचर्या नवाचार, शैक्षणिक उत्कृष्टता और राष्ट्रीय स्तर की सी.बी.एस.ई. सामग्री निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। वहीं सुश्री इशु रानी, सेंट विवेकानंद मिलेनियम स्कूल, पिंजौर में पीजीटी भौतिकी के पद पर कार्यरत हैं और शिक्षण के क्षेत्र में अपने व्यापक अनुभव एवं अकादमिक विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं।

कार्यशाला के दौरान ज्ञान की प्रकृति, आलोचनात्मक चिंतन, विभिन्न दृष्टिकोणों, साक्ष्य एवं तर्क, चिंतनशील अधिगम तथा वास्तविक जीवन में ज्ञान के अनुप्रयोग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। संसाधन व्यक्तियों द्वारा अनेक रोचक गतिविधियाँ, समूह चर्चाएँ, विचार-मंथन सत्र तथा सहभागितापूर्ण अभ्यास करवाए गए, जिनमें प्रतिभागी शिक्षकों ने पूरे उत्साह और सक्रियता के साथ भाग लिया। इन गतिविधियों ने शिक्षकों को न केवल विषय की गहन समझ प्रदान की, बल्कि उन्हें अपने कक्षा-कक्षीय शिक्षण को अधिक प्रभावी एवं विद्यार्थीकेंद्रित बनाने की प्रेरणा भी दी।
विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं व्यावहारिक बताया। प्रतिभागियों ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षण प्रक्रिया को नई दिशा प्रदान करते हैं तथा शिक्षकों के व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विद्यालय प्रबंधन समिति एवं प्रधानाचार्या के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत प्रयासों की सभी प्रतिभागियों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। ऐसे गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण अवसर उपलब्ध करवाने के लिए विद्यालय प्रबंधन की सराहना की गई। साथ ही विद्यालय के समस्त शिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ की उत्कृष्ट व्यवस्था, आतिथ्य और समर्पण ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह कार्यशाला शिक्षकों के लिए एक प्रेरणादायी एवं यादगार अनुभव सिद्ध हुई, जिसने उन्हें विद्यार्थियों में जिज्ञासा, चिंतनशीलता और ज्ञान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया।






