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हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडलकी बैठक में लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय

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भूपेंद्र ठाकुर,

06 जून / शिमला।

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग कारणों से पहले अस्वीकृत किए गए करुणामूलक नियुक्ति के मामलों पर पुनर्विचार करने को मंजूरी दी। एकमुश्त विशेष उपाय के रूप में सबसे वाजिब अस्वीकृत मामलों की दोबारा जांच की जाएगी तथा आवश्यक छूट प्रदान की जाएगी।
मंत्रिमंडल ने सरकारी भूमि पर कुछ अतिक्रमणों के लिए नियमितीकरण नीति-2026 ( पॉलिसी फॉर रेगुलराईजेशन ऑफ सर्टेन एनक्रोचमेंट ऑन गर्वंमेंट लैंड-2026) को मंजूरी दी। यह नीति उन भूमिहीन परिवारों और सीमांत किसानों के मानवीय सरोकार को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जो आवासीय, कृषि एवं बागवानी उद्देश्यों के लिए सरकारी भूमि पर कब्जे में हैं। यह नीति सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है तथा इसे मंजूरी के लिए भारत सरकार को भेजा गया है।


मंत्रिमंडल ने उन किसानों के लिए कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना शुरू करने का निर्णय लिया, जिनकी भूमि नीलामी के खतरे में है। इसके तहत राज्य सरकार पात्र किसानों के 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर ब्याज देनदारी का 50 प्रतिशत वहन करेगी। इससे प्रदेश के 6,356 किसानों को लाभ मिलेगा।
मंत्रिमंडल ने भर्ती निदेशालय के अंतर्गत वर्क इंस्पेक्टर के 400 पद सृजित कर भरने को मंजूरी प्रदान की।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में चिकित्सा अधिकारियों के 300 तथा चतुर्थ श्रेणी/मल्टी टास्क वर्करों के 250 पद भरने की स्वीकृति दी गई।
इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 200 स्टाफ नर्सों की भर्ती को भी मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 162 पद भरने का निर्णय लिया, जिनमें 76 ऑपरेशन थिएटर सहायक, 36 रेडियोग्राफर तथा 50 लैब तकनीशियन ग्रेड-2 के पद शामिल हैं।
राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में विभिन्न विभागों के 75 सहायक प्रोफेसरों के पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई।
मंडी जिले के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के कार्डियोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर के दो और वरिष्ठ रेजिडेंट के दो पद भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के छः नामित प्रोफेसरों को पात्रता प्राप्त करने के लिए आवश्यक अवधि से 6 से 20 दिन कम होने के कारण एकमुश्त विशेष छूट देने का निर्णय लिया।

कांगड़ा जिले के सिविल अस्पताल देहरा में विभिन्न श्रेणियों के 12 पद तथा ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी कार्यालय देहरा में 3 पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में विभिन्न विभागों में सहायक प्रोफेसरों के 17 पद भरने का निर्णय लिया गया।
मंत्रिमंडल ने अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को पूर्ण वेतन देने का निर्णय लिया। जिन कर्मचारियों ने पहले अध्ययन अवकाश लिया था, उन्हें भी बकाया वेतन राशि का भुगतान किया जाएगा।
31 मार्च, 2026 तक लगातार सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाने को मंजूरी दी गई।
जॉब ट्रेनीज़ को 15 दिन का पितृत्व अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
हमीरपुर जिले के नेरी स्थित बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय में विभिन्न श्रेणियों के तीन पद सृजित कर भरने की मंजूरी दी गई।
मण्डलायुक्त कार्यालय मंडी में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के दो पद सृजित करने का निर्णय भी लिया गया।
होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में एक जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) तथा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षित एक मल्टी टास्क वर्कर का पद भरा जाएगा।
कांगड़ा जिले के बैजनाथ और बीड़ उप-मंडलों के पुनर्गठन के माध्यम से चढ़ि़यार में लोक निर्माण विभाग का नया उप-मंडल स्थापित किया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा के तीन पद भरने का निर्णय लिया।
पूर्ववर्ती हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर द्वारा जारी 80 पोस्ट कोडों के विज्ञापन वापस लेने तथा संबंधित अभ्यर्थियों को 4.27 करोड़ रुपये परीक्षा शुल्क वापस करने की मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना का चौथा चरण आरम्भ करने की मंजूरी दी। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ई-बस खरीदने पर 50 प्रतिशत तथा डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं मजबूत होंगी।


मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम, 1989 में संशोधन को मंजूरी दी ताकि चिकित्सा एवं वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती, प्रसंस्करण, निर्माण, भंडारण और परिवहन को विनियमित किया जा सके।
शिमला जिले के जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू क्षेत्रों के 15 अग्नि प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी गई। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रति परिवार 7 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। कुल 84.70 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की जाएगी।
बैठक में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया गया, जो विभिन्न विभागों में मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया को केन्द्रीकृत एवं सुव्यवस्थित करने पर विचार करेगी।

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