-होटल मालिक समेत पांच गिरफ्तार, STF के चार जवान भी नहीं बचे
भूपेंद्र ठाकुर,
18 मई / शिमला।
हिमाचल प्रदेश की शिमला पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एलएसडी तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस थाना न्यू शिमला में दर्ज मुकदमा संख्या 35/2026 के तहत अब तक कुल 8 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें एसटीएफ (Special Task Force) के चार जवान और एक होटल का पार्टनर ऑनर शामिल है।
562 स्ट्रिप एलएसडी के साथ दो गिरफ्तार
दिनांक 10 मार्च 2026 को पुलिस ने संदीप शर्मा (निवासी मोगा, पंजाब) और प्रिया शर्मा (निवासी सिरमौर, हिमाचल) के कब्जे से 562 स्टाम्प साइज एलएसडी की स्ट्रिप बरामद की थी, जिसका कुल वजन 11.570 ग्राम (व्यावसायिक मात्रा) था। इसके बाद पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज की जांच तेज कर दी।

केरल से सप्लायर गिरफ्तार
जांच के दौरान सप्लायर की पहचान नविएल हैरिसन (निवासी कालीकट, केरल) के रूप में हुई। उसे 13 मार्च 2026 को गुरुग्राम, हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया गया।
एसटीएफ के चार जवानों पर संदेह, फिर गिरफ्तारी
मामले की विस्तृत जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। डिजिटल, भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एसटीएफ के चार कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इन चारों आरोपियों को 19 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, इन जवानों ने तस्करों से सांठगांठ कर मादक पदार्थों की खेप की सप्लाई कराने में मदद की।
कुल्लू के होटल में मिले थे तस्कर
आगे की तफ्तीश में पता चला कि आरोपी नविएल हैरिसन ने जिला कुल्लू स्थित ‘सी रॉक होटल’ में चारों एसटीफ जवानों को एलएसडी की सप्लाई दी थी। जब पुलिस ने होटल परिसर से हार्ड डिस्क और डीवीआर को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा, तो सामने आया कि सीसीटीवी फुटेज को जानबूझकर डिलीट/नष्ट किया गया था।
होटल मालिक गिरफ्तार, साक्ष्य नष्ट करने का आरोप
फॉरेंसिक विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर होटल के पार्टनर ऑनर संजीव कुमार (उम्र 35, निवासी गांव बुशोणा, तहसील भुंतर, जिला कुल्लू) की भूमिका साक्ष्य नष्ट करने और आपराधिक षड्यंत्र में साबित हुई। उसे दिनांक 16 मई 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस बोली- ‘नेटवर्क के खिलाफ जांच जारी’
शिमला पुलिस ने कहा कि यह जांच अभी जारी है। पूरे तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों और पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कार्रवाई और तेज की जाएगी।
आरोपी और धाराएं:
मामला धारा 22, 29 एनडीपीएस अधिनियम एवं धारा 238 बीएनएस के तहत दर्ज किया गया है। फिलहाल सभी आरोपी पुलिस हिरासत में हैं।









